हरियाणा में युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी : प्राइवेट नौकरियों में मिलेगा 75% आरक्षण

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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने स्थानीय युवाओं के लिए प्राइवेट सेक्टर्स की नौकरियों में 75 फीसदी के आरक्षण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। ये अधिसूचना हरियाणा के राज्‍यपाल सत्यदेव नारायण आर्या से 75 प्रतिशत रोजगार बिल को मंजूरी मिलने के बाद जारी की गई है।

इसकी जानकारी खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं के लिए आज खुशी का दिन है। इस बिल की मंजूरी के बाद अब प्रदेश के युवाओं को निजी नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि हर कंपनी, सोसायटी, ट्रस्ट में हरियाणा के युवाओं को 75 फीसदी का आरक्षण दिया जाएगा।

 

दरअसल, बीते साल पांच नवंबर को हरियाणा विधानसभा ने निजी क्षेत्र की नौकरियों में राज्य के युवाओं के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को मंजूरी दी थी। इसके साथ ही राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन की घटक जननायक जनता पार्टी का एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा हो गया था। हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों को रोजगार विधेयक, 2020 में निजी क्षेत्र की ऐसी नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है जिनमें वेतन प्रति माह 50,000 रुपए से कम है।

चौटाला का पूरा हुआ चुनावी वादा

Dy. CM Dushyant Chautala ji File Photo.इस विधेयक के प्रावधान निजी कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्टों और साझेदारी वाली कंपनियों सहित अन्य पर लागू होंगे। राज्यपाल से मंजूरी मिल जाने के बाद यह विधेयक कानून बन गया। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यह विधेयक विधानसभा में पेश किया था। सदन के मानसून सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत होने पर यह विधेयक पेश किया गया था। निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण चौटाला की पार्टी का एक प्रमुख चुनावी वादा था। विधेयक के सदन से पारित होने के बाद चौटाला ने कहा था कि लाखों युवाओं से किया गया वादा अब पूरा हो चुका है।

राज्यपाल ने लौटा दिया था अध्यादेश
पिछले साल की शुरुआत में, बीजेपी-जेजेपी सरकार नौकरियों में आरक्षण से संबंधित अध्यादेश पर राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मंजूरी प्राप्त करने में नाकाम रही थी। उन्होंने विचार के लिए अध्यादेश राष्ट्रपति को भेज दिया था। उस समय राज्य सरकार ने कहा था कि वह विधानसभा के मानसून सत्र में इस संबंध में एक विधेयक पेश करेगी, लेकिन कोरोना वायरस के कारण अगस्त में सदन की केवल एक ही बैठक हो सकी थी।

 

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