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मुख्यमंत्री नें केंद्र के तीन तत्कालीन केंद्रीय अध्यादेशों को रद्द करने के प्रस्ताव को आगे न बढ़ाकर अन्नदाता के साथ धोखा किया है: सुखबीर सिंह बादल

मोगा/29सितंबर: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कृषि संबधी तीन अध्यादेशों को खारिज करने का प्रस्ताव अग्रेषित न करके अन्नदाता के साथ धोखा किया है जिसे 28 अगस्त को विशेष सत्र में पारित किया गया था।

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यहां वरिष्ठ नेता जत्थेदार तोता सिंह के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भले ही 28 अगस्त को विधानसभा द्वारा तीन केंद्रीय अध्यादेशों को रदद करने वाला प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन अब तक इसे केंद्र को नही भेजा गया था। ‘ इस बीच न केवल अध्यादेशों ने विधेयकों का रूप ले लिया और संसद द्वारा मंजूर किया गया बल्कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अधिनियम भी बन गए हैं।

 

सरदार बादल ने मुख्यमंत्री के कामकाज को कपटपूर्ण बताते हुए कहा कि इन्होेने हमेशा दोहरा खेल खेला है। सरदार बादल ने मुख्यमंत्री से किसानों से कहा कि अगर उनका संसद के साथ साथ केंद्र सरकार के आगे करने का इरादा नही था तो उन्होने विशेष सत्र में प्रस्ताव पारित क्यों कराया था। उन्होने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐसा करके किसानों की पीठ में छूरा घोंपा है। इस प्रस्ताव को पहले विधानसभा से मुख्य सचिव को भेजे जाने में बारह दिन लगे, जिनका कार्यालय अगला दरवाजा है। यह पिछले करीब बीस दिन से मुख्य सचिव की टेबल पर पड़ा हुआ है। सरदार बादल ने कहा कि यह न केवल किसानों के प्रति कांग्रेस की घोर निर्दयता और संवेदनहीनता दिखाता है बल्कि इस मामले में न्याय प्राप्त करने के अपने लक्ष्य से उन्हे नाकाम करने की गहरी जड़ों की साजिश को भी उजागर करता है।

मुख्यमंत्री से खोखले बयान न देने को कहते हुए सरदार बादल ने कहा कि आप किसानों के लिए लड़ने की बात कर रहे हैं लेकिन आप कार्यवाही ही नही कर रहे हैं। मैं किसान संगठनों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री से कहें कि वे अपनी छिपनगाह से बाहर आएं। उन्हे किसानों के लक्ष्य को साकार करने के लिए ईमानदारी से काम करना चाहिए। जिस तरह से उन्होने पंजाब के नए कृषि अधिनियमों को लागू नही करने के लिए पूरे राज्य को एक प्रमुख मंडी यार्ड बनाने के मेरे सुझाव को अस्वीकार कर दिया है, उससे पता चलता है कि वह किसान समुदाय के संघर्ष को विफल करना चाहते हैं।

सरदार बादल ने यह भी घोषणा की कि शिरोमणी अकाली दल किसान संगठनों के साथ दृढ़ता के साथ खड़ा है। ‘ मैं किसान संगठनों को आश्वासन करता हूं कि वे जो भी कार्रवाई का निर्णय लेते हैं शिरोमणी अकाली दल उसका तहे दिल से समर्थन करेगा’। आज मुख्यमंत्री से किसान संगठनों की मीटिंग के बारे पूछे जाने पर अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि उन्हे मुख्यमंत्री से पूछना चाहिए कि उनकी सरकार ने पूर्ववर्ती केंद्रीय अध्यादेशो ंपर विधानसभा प्रस्ताव केंद्र को क्यों नही भेजा था।

इससे पहले गुरुद्वारा बीबी काहन कौर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2017 में एपीएमसी अधिनियम में संशोधन करके उनके साथ विश्वासघात करने के बारे में स्पष्टीकरण देने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि इस संशोधन ने निजी मंडियों, ठेका खेती तथा ई-ट्रेडिंग को वैध बनाया जिसके खिलाफ किसान लड़ रहे हैं। उन्होने यह भी घोषणा की कि अकाली दल 1 अक्टूबर के किसान मार्च के बाद अपनी अगली कार्रवाई की घोषणा करेगा जिसमें हजारों लोग श्री अमृतसर साहिब, श्री तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब से मोहाली तक मार्च करेगें।

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