Home / Punjab / शिरोमणी अकाली दल ने अमरिंदर को ‘पंजाब के रिपेरियन अधिकारों’ के खिलाफ समझौता करने के विरूद्ध चेतावनी दी

शिरोमणी अकाली दल ने अमरिंदर को ‘पंजाब के रिपेरियन अधिकारों’ के खिलाफ समझौता करने के विरूद्ध चेतावनी दी

  • एसवाईएल मुद्दा हमेशा के लिए बंद हो गया था जब बादल सरकार ने जमीनों के असली मालिकों को जमीन लौटा दी थी
  • पंजाब के पास पानी की एक भी बंूद अतिरिक्त नही है: सुखबीर सिंह बादल

चंडीगढ़/19अगस्त: शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब के नदी जल के वितरण की अव्यहवार्य मांग के संबध में रिपेरियन सिद्धांत पर पंजाब के सैद्धांतिक रूख से समझौता करने पर चेतावनी दी है।

Advertisements

अकाली नेता ने कहा कि सरदार परकाश सिंह बादल की लीडरशीप वाली सरकार द्वारा अधिगृहित जमीन को उसके असली मालिक किसानों को लौटाने के बाद एसवाईएल मुददा हमेशा के लिए बंद हो गया।

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा कि केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से स्पष्ट रूप से कहना चाहिए था कि लगातार कांग्रेस सरकारों द्वारा पंाजब के जल को लूटने और राजस्थान और हरियाणा को न्याय देने के लिए कांग्रेस सरकारों द्वारा लगातार पंजाब के साथ अन्याय किया गया है। कांग्रेस के मुख्यमंत्री दरबारा सिंह ने पंजाब के डेथ वारंट पर हस्ताक्षर किए थे। इंदिरा गांधी द्वारा जब नदी के पानी पर मुख्यमंत्री और पंजाब के अधिकारों के तौर पर अपनी कुर्सी के बीच चयन करने के बारे में पूछा तो उन्होने कुर्सी का चयन किया था। पंजाबियों को अब दरबारा सिंह जैसे कांग्रेसी नेताओं के लालच की कीमत अपनी जिंदगी से चुकानी पड़ रही है।

अकाली नेता ने कहा कि पानी की मात्रा का निर्धारण किए बिना नहर का निर्माण, इसके माध्यम से प्रवाहित करना एक स्पष्ट रूप से बेतुका विचार है। मानव इतिहास में कभी भी पहले पानी की उपलब्धता का पता लगाए बिना कभी नहर नही बनाई गई है। यह बेशक ठेलागाड़ी घोड़े के सामने डालने के समान है तथा पंजाब के लोग यह समझने नही पा रहे हैं कि इतनी तर्कहीन और अजीब मांग क्यों की जा रही है।

सरदार बादल ने कहा कि पंजाबियों और शिरोमणी अकाली दी कभी भी एसवाईएल के निर्माण को स्वीकार नही करेंगे और न ही कभी इसे बनाने की अनुमति देंगे।

सरदार बादल ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ कल हुई मीटिंग में अमरिंदर के तर्कों ने पंजाबियों को आश्चर्यचकित कर दिया क्योंकि ये रिपेरियन सिद्धांत पर स्थिति से हटकर हैं।

पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी के पानी पर पंजाब का दावा‘ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य रिपेरियन सिद्धांत पर आधारित है। हमें यमुना का पानी नही चाहिए। हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि हमारी नदियों का पानी लूटा न जाए और हम रिपेरियन सिद्धांत पर अडिग हैं’ सरदार बाद ल ने आज दोपहर एक बयान में कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री को हरियाणा के समकक्ष बताना चाहिए कि जिस तरह पंजाब गैर पंजाब नदियों में किसी भी हिस्से की मांग नही करता है, उसी तरह हरियाणा और राजस्थान को भी पंजाब के नदी के पानी पर अनुचित मांग करने की जिदद नही करनी चाहिए।

उन्होने पंजाब के मुख्यमंत्री से कहा कि वह यमुना के तर्क की अपनी घटिया अभिव्यक्ति के साथ पंजाब के मजबूत मामले में पेश की गई खतरनाक विकृति को तत्काल ठीक करे यां फिर उन्हे शिरोमणी अकाली दल के नेतृत्व में लोगों के मजबूत प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा।

सरदार बादल ने कहा कि अमरिंदर ने इंदिरा गांधी को फांवड़ा सौंपकर कपूरी में एसवाईएल नहर की खुदाई शुरू करवाई थी। ‘अमरिंदर ने वास्तव में हरियाणा के लिए एसवाईएल के अभियान का नेतृत्व किया था। जब वह इंदिरा गांधी को फांवड़ा सौपं रहे थे तो अकाली नेता विरोध कर रहे थे और उन्हे पुलिस वैन में सलाखों में डाल दिया गया था। सरदार सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि हमें अपने की पानी की मांग के लिए राष्ट्र विरोधी कहा गया था।

पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री ने अमरिंदर पर जमकर निशाना साधा कि जब पंजाबियों को ऐसे अहम मुददों का सामना करना पड़ रहा है तो वे विधानसभा का सामना करने से दूर भाग रहे हैं। यहां जनप्रतिनिधियों के लिए राज्य के महत्वपूर्ण हितों पर एक स्वर में बोलने का सबसे मजबूत मामला था। लेकिन विधानसभा सत्र में कटौती करके सिर्फ एक दिन का करके कैप्टन ने लोगों को तथाकथित एसवाईएल नहर के निर्माण की दिशा में किसी भी कदम में निहित खतरों के बारे राष्ट्र के बाकी हिस्सों को एक कड़ा संदेश भेजने के अवसर से इंकार कर दिया है।

Advertisements
whatsapp-hindxpress
Advertisements

Check Also

cm punjab lockdon

उम्मीद करता हूँ कि हरियाणा के मुख्यमंत्री एस.वाई.एल. पर पंजाब का दृष्टिकोण देखेंगे जब हम जल्द ही मिलेंगे’ – कैप्टन

चंडीगढ़, 21 अगस्त: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शुक्रवार को यह उम्मीद अभिव्यक्त की कि …

error: Content is protected !!