मुख्यमंत्री द्वारा कुंवर विजय प्रताप की जल्द सेवामुक्ति की अपील रद्द; कहा, राज्य को समर्थ अफ़सर की सेवाओं की ज़रूरत

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चंडीगढ़, 13 अप्रैल: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आई.पी.एस. अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे का पत्र स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें उनकी सर्विस से पहले सेवामुक्ति की माँग की गई थी।

कुंवर विजय प्रताप सिंह जो इस समय पर कोटकपूरा और बहबल कलाँ गोली कांड मामलों की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) के प्रमुख हैं, की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अपील को रद्द करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बहुत ही समर्थ और कुशल अफ़सर है, जिसकी सेवाओं की सीमावर्ती राज्य को ज़रूरत है, ख़ासकर ऐसे समय पर जब पंजाब विभिन्न आंतरिक और बाहरी ख़तरों का सामना कर रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को इस अफ़सर के अनुभव और महारत की ज़रूरत है, जिसने पंजाब पुलिस में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए बेहतरीन सेवाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह एक कुशल, काबिल और साहसी अफ़सर है, जिसका बेमिसाल ट्रैक रिकॉर्ड है।

कोटकपूरा मामले की जांच में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बारे में मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि कुंवर विजय प्रताप सिंह को एस.आई.टी. के प्रमुख से हटाने या केस की जांच रद्द करने के कोई भी फ़ैसले को उनकी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस अफ़सर और उसकी टीम ने कोटकपूरा मामले की तेज़ी से जांच करने में शानदार काम किया है, जिसको अकालियों ने पिछले चार सालों से रोकने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस योग्य अधिकारी के नेतृत्व और निगरानी अधीन जांच तर्कपूर्ण निष्कर्ष पर लाई जाएगी।

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