Breaking News
Home / Chandigarh / पंजाब के विधायकों ने करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट अनिवार्य करने के पाक सेना के कदम का किया विरोध

पंजाब के विधायकों ने करतारपुर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट अनिवार्य करने के पाक सेना के कदम का किया विरोध

मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए छह विधायकों को लाभ के पद से मुक्त करने का भी विरोध

Advertisements

चंडीगढ,7नवम्बर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट के स्थान पर कोई वैध पहचानपत्र मान्य करने और पूर्व में पंजीयन की शर्त समाप्त करने के चंद दिन बाद ही पाकिस्तान सेना ने पासपोर्ट की शर्त लागू करने का ऐलान किया है। इसका कांग्रेस,अकाली दल और आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विरोध किया है। आम आदमी पार्टी विधायकों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए गए छह विधायकों को लाभ के पद से मुक्त करने के लिए गुरूवार को सदन में पारित कराए गए विधेयक का विरोध भी किया। आम आदमी पार्टी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा की अगुवाई में वाक आउट किया।

 

कांग्रेस विधायक राजकुमार वेरका ने कहा कि पासपोर्ट की शर्त समाप्त की गई थी तो उसे लागू रखा जाना चाहिए था। लेकिन पाकिस्तान में निर्वाचित सरकार के बजाय सेना और उसकी एजेंसी आईएसआई के हुक्म लागू हो रहे है। अकाली दल के विधायक परमिंदर ढींढसा ने भी पासपोर्ट की शर्त हटाए जाने पर जोर दिया। लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत बैंस और बलविंदर सिंह बैंस ने भी पासपोर्ट की शर्त को समाप्त करने की मांग की। आम आदमी पार्टी के नेता और नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने भी पासपोर्ट की शर्त हटाने की मांग की।

 

विधायकों ने कहा कि पंजाब में करीब पचास प्रतिशत तक लोग ऐसे है जिनके पास पासपोर्ट नहीं है। ऐसे में इस शर्त को हटाया जाना चाहिए। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की ओर से गुरूवार को ही एक बयान मीडिया में आया था कि करतारपुर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पासपोर्ट लेना होगा। पाकिस्तान सेना का यह बयान भारत सरकार की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में आया है कि क्या करतारपुर जाने के लिए पासपोर्ट जरूरी होगा।

 

उधर आम आदमी पार्टी विधायकों ने गुरूवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री के सलाहकार नियुक्त छह विधायकों को लाभ के पद से मुक्त करने के लिए पारित विधेयक का विरोध किया। बाद में नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा के नेतृृत्व में इन विधायकों ने वाकआउट किया। हरपाल चीमा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने अपने बहुमत के बल पर विधेयक पारित करवाया है लेकिन वे इसका विरोध करते है। विधायकों को पहले से सुविधाएं मिल रही है। अब और अधिक सुविधाएं दी जायेंगी। जबकि प्रदेश पर ढाई लाख करोड से अधिक कर्ज है। लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत बैंस व बलविंदर बैंस ने भी इस विधेयक का विरोध किया।

Advertisements

About Hindxpress News

Check Also

गठबन्धन सरकार में जाटों का दबदबा, वैश्य समुदाय को जगह नहीं

चंडीगढ,15नवम्बर। हरियाणा की भाजपा-जजपा गठबन्धन सरकार में इस बार जाटों का दबदबा है। जहां उपमुख्यमंत्री …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Show Buttons
Hide Buttons