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जहरीली शराब कांड : डेराबस्सी में एक फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में अवैध स्प्रिट बरामद

डेराबस्सी (उमंग श्योराण)। पंजाब एक्साइज एवं स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने संयुक्त ऑपरेशन में आज मुबारकपुर इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट में छापा मारकर  तीन फैक्ट्रियों में कुल 27600 लीटर मिथाइल और इथाइल अल्कोहल बरामद की है जो जहरीली शराब बनाने में भी इस्तेमाल की जा सकती है। तरनतारन जहरीली शराब कांड के बाद प्रदेश में अब तक पकड़ी गई शराब की यह सबसे बड़ी खेप है। टीम में तीन फैक्ट्रियों के चार मालिकों को भी गिरफ्तार किया है और बरामद किए गए एलकॉल की टेस्टिंग मौके पर फॉरेंसिक टीमें कर रही है।

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पंजाब एक्साइज के ज्वाइंट कमिश्नर नरेश दुबे ने बताया कि बीती 23 जुलाई को जवाहरपुर में विनी केमिकल्स नामक फैक्ट्री के गोदाम से स्पिरिट के 5500 लीटर 6 ड्रम बरामद किए गए थे। वहां फैक्ट्री मालिक राजेश और दो नौकरों में अजय व महेश को गिरफ्तार किया गया था। यह स्पिरिट फोकल प्वाइंट में ई-68, 69 में एलिकेम लैब्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री से सप्लाई हुई थी जिसके लिए बीती शाम यहां छापा मारा गया। काफी मात्रा में ड्रम बरामद होने से एसआईटी टीम को भी साथ लिया गया। तरनतारन एसआईटी से डीएसपी विक्रम सिंह बराड़ भी टीम के साथ जांच कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि ई-68,69 में शराब की मैन्युफैक्चरिंग की जा रही थी जबकि साथ लगते ओम सालवी जो ई-11 में है और प्योर सलूशन जो ई-28 में है, वहां पर भी यह ड्रमों में स्टोर की जा रही थी।

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एलीकेम के डायरेक्टर एके चौधरी और केपी सिंह के अलावा ओम सालवी के डायरेक्टर गौरव चौधरी और प्योर सॉल्यूशंस के जगमोहन अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उक्त ड्रम में इथाइल अल्कोहल और मिथाइल एल्कोहल, दोनों प्रारंभिक जांच में स्टोर किए हुए मिले हैं। इथाइल अल्कोहल ज्यादा हानिकारक है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि एलिकेम एक्सप्लोजिव्स और एनवायरमेंटल क्लीयरेंस तो है परंतु उसके पास एक्साइज का लाइसेंस अभी तक बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बरामद केमिकल्स में अल्कोहल की ओवरप्रूफ डिग्री 150 से लेकर 168 तक पाई जा रही है जो कि बेहद खतरनाक है। इस कंसंट्रेटेड एलकॉल को बाद में डिल्यूट कर आगे शराब में मिलाया जाता है और इसकी मात्रा में कमी पेशी होने से यह बेहद जहरीली शराब का रूप भी ले सकती है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को डेराबस्सी कोर्ट में पेश पर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा। एलिकॉम फैक्ट्री में डेरा डाले बैठी टीमें अभी भी वहां ग्रामों में बरामद अल्कोहल की टेस्टिंग और दफ्तरी रिकॉर्ड की छानबीन में जुटी हुई थी।

 

नरेश दुबे ने फिर दोहराया कि बरामद किए गए इथाइल और मिथाइल अल्कोहल की जांच की जा रही है कि इसका इस्तेमाल क्या सिर्फ शराब के लिए ही होता था या किसी अन्य उद्देश्य के लिए भी। उन्हें डर है कि कहीं जहरीली शराब में इसका इस्तेमाल ना हुआ हो, इसकी जांच की जा रही है।

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