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ईमानदारी से टैक्स देने वालों के लिए आज PM मोदी कर सकते हैं बड़ी घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईमानदारी से टैक्‍स देने वालों के लिए एक बड़ी घोषणा कर सकते हैं। वह कई मौकों पर ईमानदार टैक्सपेयर्स की तारीफ तो करते ही रहे हैं, लेकिन इस बार वह ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए एक बड़ा प्रोग्राम शुरू करने वाले हैं। इस नए प्रोग्राम का नाम है ट्रांसपैरेंट टैक्सेशन। इसका मतलब है पारदर्शी टैक्स व्यवस्था। इस कार्यक्रम की टैगलाइन रखी गई है ईमानदारों का सम्मान। आज  पीएम मोदी 11 बजे वेब टेलिकास्ट के जरिए  ‘पारदर्शी कराधान – ईमानदार का सम्मान’ (Transparent Taxation-Honoring the Honest) मंच की शुरूआत करेंगे ।   लोगों के मन में फिलहाल ये सवाल भी उठ रहा है कि इसमें क्या होगा? आखिर ईमानदारी से टैक्स देने के लिए पीएम मोदी क्या इनाम देंगे? खैर, 11 बजे जब पीएम मोदी इस प्रोग्राम को शुरू करेंगे, तो इन सारे सवालों के जवाब खुद मिल जाएंगे। हालांकि, सरकार की ओर से टैक्‍स सुधारों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन मंच की शुरुआत के साथ पिछले छह साल में प्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर किए गए सुधारों को आगे ले जाने की उम्मीद है।

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बता दें कि पीएम मोदी पिछले करीब 3-4 हफ्तों से वरिष्ठ टैक्स अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इन बैठकों से वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि एक पारदर्शी टैक्सेशन की जरूरत है। इन बैठकों में आयकर रिटर्न को लेकर काफी चर्चा हुई है। पीएम मोदी का मुख्य फोकस इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स पर है। देखना दिलचस्प रहेगा कि आज के कार्यक्रम में पीएम मोदी टैक्सपेयर्स को क्या तोहफा देते हैं।

 

 

मोदी सरकार कुछ और भी घोषणाएं कर सकती है, जिनमें पॉलिसी में बदलाव से लेकर कुछ नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तक हो सकते हैं। मामले से जुड़े एक शख्स ने बताया कि इससे कोरोना महामारी के बीच अर्थव्यवस्था में एक बार फिर से तेजी लाने की कोशिश की जाएगी। मोदी सरकार के सूत्रों के मुताबिक, खुद पीएम मोदी ही कुछ कदमों की घोषणा कर सकते हैं।

 

 

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इनकम टैक्‍स विभाग के अधिकारियों के अलावा विभिन्न वाणिज्य मंडलों, व्यापार संघों और चार्टर्ड अकाउंटेंट संघों के साथ-साथ जाने-माने करदाता भी इस आयोजन में शामिल होंगे । केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने हाल के वर्षों में प्रत्यक्ष करों में कई बड़े टैक्‍स सुधार लागू किए हैं। पिछले वर्ष कॉरपोरेट टैक्स की दर को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी कर दिया गया। साथ ही नई विनिर्माण इकाइयों के लिए इस दर को और भी अधिक घटाकर 15 फीसदी कर दिया गया। ‘डिविडेंड डिस्‍ट्रीब्‍यूशन टैक्‍स’ को भी हटा दिया गया। इनकम टैक्‍स के कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए भी सीबीडीटी ने कई पहल की हैं। लंबित कर विवादों का समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से विभाग ने प्रत्यक्ष कर ‘विवाद से विश्वास अधिनियम, 2020’ पेश किया है। इसके तहत वर्तमान में विवादों को निपटाने के लिए डेक्‍लेरेशन दाखिल किए जा रहे हैं।

 

 

करदाताओं की शिकायतों व मुकदमों में प्रभावकारी रूप से कमी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न अपीलीय न्यायालयों में विभागीय अपील दाखिल करने के लिए आरंभिक मौद्रिक सीमाएं बढ़ा दी गई हैं। डिजिटल लेन-देन और भुगतान के इलेक्ट्रॉनिक मोड या तरीकों को बढ़ावा देने के लिए भी कई उपाय किए गए हैं। बयान के मुताबिक, ”विभाग ने ‘कोविड काल’ में करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने के लिए भी कई तरह के प्रयास किए हैं। इनके तहत रिटर्न दाखिल करने की वैधानिक समयसीमा बढ़ा दी गई है।  करदाताओं के हाथों में नकदी प्रवाह बढ़ाने के लिए तेजी से रिफंड जारी किए गए हैं.”

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