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अपने काम से काम रखो केजरीवाल: कैप्टन अमरिन्दर सिंह

  • पंजाब के मुख्यमंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा नकली शराब की जांच सी.बी.आई. को देने की माँग पर दिया करारा जवाब
  • पंजाब में आप की गिर चुकी साख बहाल करने के लिए दुखद घटना से राजनैतिक लाभ कमाने पर केजरीवाल को आड़े हाथों लिया
  • पंजाब पुलिस ने पिछले सभी केस हल किये और अवैध शराब के मौजूदा मामले में शामिल माफिया पर कड़ी कार्यवाही की

 

चंडीगढ़, 2 अगस्त: नकली शराब के कारण घटी दुखद घटना की सी.बी.आई. जांच करवाने संबंधी अरविन्द केजरीवाल की माँग पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को अपने काम से काम रखने के लिए कहा। उन्होंने केजरीवाल को पंजाब में औंधे मुँह गिर चुकी आम आदमी पार्टी को फिर से पैरों पर खड़ा करने के लिए इस दुखद मामले पर राजनैतिक रोटियाँ न सेंकने के लिए कहा।

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कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री की कड़ी आलोचना की जिन्होंने अपने टविट्टर पर टिप्पणी की कि इस मामले को केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथों में दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने केजरीवाल को कहा, ‘‘बहुत से लोगों की जानें चली र्गइं और आप इस दुखद घटना से राजनैतिक लाभ कमाना चाहते हो। क्या आपको कोई शर्म-हया है? कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को अपने राज्य में अमन-कानून की व्यवस्था पर ध्यान देने के लिए कहा जहाँ अपराधी और गैंगस्टर बेखौफ होकर वहाँ की गलियों में दनदनाते हुए घूमते हैं।

केजरीवाल के दावे कि स्थानीय पुलिस द्वारा पिछले कुछ महीनों के दौरान अवैध शराब का कोई भी केस हल नहीं किया गया, को फिजूल कहते हुए मुख्यमंत्री ने आप नेता को कुछ भी बोलने से पहले अपने तथ्य जांचने के लिए कहा। हाल ही में 22 अप्रैल को खन्ना में अवैध शराब की एक फैक्ट्री का पर्दाफाश किये जाने का हावाला देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बताया कि आठ दोषियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सात अन्य भगौड़े व्यक्तियों को पकडऩे के लिए छापेमारी जारी है। एक अन्य मामले में पटियाला जिले में अवैध शराब की डिस्टिलरी चलाने के पिछे के दो सरगनों को 22 मई और 13 जून को इसी साल गिरफ्तार किया गया और 10 जुलाई को अदालत में चालान पेश किया गया। मई महीने में ऐसे ही एक अन्य मामले का माफिया सरगना को गिरफ्तार करके पर्दाफाश किया गया जिसके खिलाफ अगली कार्यवाही के लिए रसायन अध्ययन रिपोर्ट का पुलिस द्वारा इंतजार किया जा रहा है।

पंजाब पुलिस, जिसने हाल ही के अवैध शराब के मामलों में पूरी मुस्तैदी के साथ मिसाली कार्यवाही की है, पर पूरा भरोसा जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केजरीवाल द्वारा सी.बी.आई जांच की माँग राजनैतिक ड्रामेबाजी के अलावा कुछ नहीं जिसके पीछे की मंशा अपनी पार्टी के उखड़े पैर फिर से लगाना है, जो मुख्य विरोधी पार्टी होने के बावजूद पंजाब में अपना अस्तित्व पूरी तरह गंवा चुकी है।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब में मानकर किये कत्ल के मामले सी.बी.आई को सौंपे होने के बावजूद यह पंजाब पुलिस ही थी जिसने इनको हल किया। यहाँ तक कि बेअदबी मामलों में सी.बी.आई. की कार्यकुशलता असफल रही है और यह पंजाब पुलिस ही है जो मामलों के तथ्य सामने ला रही है और उच्च पुलिस अधिकारियों समेत कई गिरफ्तारियाँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि सी.बी.आई. की अपेक्षा यह स्थानीय पुलिस के हित में है कि सभी आपराधिक मामले तेजी के साथ हल करने को यकीन बनाया जाये।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि जांच सी.बी.आई के हवाले करने से मौजूदा नकली शराब के मामले के प्रति ढीला रूख अपनाने दिए जाने की अपेक्षा वह उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्यवाही चाहते हैं जिनके लालच के कारण राज्य में 100 के करीब जानें गई हैं।

मुख्यमंत्री ने केजरीवाल को कहा कि वह उनकी सरकार जिसका हर तरह के अपराधों को रोकने में मिसाली रिकार्ड है, के खिलाफ अवैध दोष लगाने से पहले अपने आंकड़े चैक कर लें। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री को कहा, ‘‘आप हमारे कामकाज पर टिप्पणी करने से पहले अपने पंजाब यूनिट को कहकर तथ्य और आंकड़े क्यों नहीं मंगवाते।’’

 

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने दिल्ली के अपने हमरुतबा को सलाह देते हुए कहा कि वह पहले अपने राज्य में कोविड की भयानक स्थिति पर ध्यान केंद्रित करें। मुख्यमंत्री ने कोविड के खिलाफ लड़ाई के लिए केजरीवाल को शुभकामनाएँ देते हुए कहा, ‘‘पंजाब मामलों संबंधी चिंता करने की बजाय पहले आप दिल्ली के लोगों की सेहत और जिंदगी का ख्याल क्यों नहीं कर रहे।’’

उन्होंने इस बात की तरफ इशारा करते हुए कि अवैध शराब और तस्करी के मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा रही है, कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि इस दुखद घटना में तीन जिलों में पाँच केस दर्ज करते हुए 30 व्यक्तियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा पंजाब पुलिस और आबकारी एवं कर विभाग के 13 कर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही के दोष में सस्पैंड किया गया है जबकि इस मामले में उनकी सम्मिलन संबंधी पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। जांच के लिए मैजिस्ट्रेट कमीशन बना दिया है जिसको अपनी रिपोर्ट एक महीने के अंदर देने के लिए कहा है। उन्होंने आगे बात करते हुए यह पूछा कि यह मामला सी.बी.आई. के हवाले करने की क्या जरूरत है जब स्थानीय पुलिस इसको प्रभावशाली तरीकेे से देख रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में उनकी ही कड़ी हिदायतों पर पुलिस द्वारा इस साल जनवरी महीने से राज्य में अवैध शराब /स्प्रिट के खिलाफ मुहिम शुरु की हुई थी जिनमें से बहुत से पहले ही पुलिस की हिरासत में हैं और कानून के अनुसार कार्यवाही की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने न सिर्फ पुलिस को अपराध रोकने और कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए जरूरत पडऩे पर कोई भी कार्यवाही करने के लिए खुली छूट दी हुई है बल्कि यह भी स्पष्ट कहा गया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाये। दरअसल उन्होंने पुलिस को विशेष तौर पर हिदायतें दी हुई हैं कि कोई भी लोक सेवक या सीनियर अधिकारी जो अपनी ताकत और पद का दुरुपयोग करता है या किसी तरीकेे से अपराधियों की मदद करता है, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये।

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