Breaking News
Home / Punjab / भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला, पंजाब में नहीं भेजी जाएगी माल-गाड़ियां

भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला, पंजाब में नहीं भेजी जाएगी माल-गाड़ियां

चंडीगढ़। किसान आंदोलन को देखते हुए भारतीय रेलवे ने पंजाब में मालगाड़ियां नहीं भेजने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक पंजाब सरकार के द्वारा अनुमति नहीं मिलने तक माल गाड़ियां नहीं आएंगी। बता दें कि कई किसान यूनियनों के कार्यकर्ता रेल की पटरियों पर बैठे हुए हैं। मालगाड़ियों के नहीं आने से पंजाब को काफी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। रेलवे पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल को कवर करने के लिए 50 से 70 मालगाड़ियां चलाती है।

Advertisements

बता दें कि पंजाब में जारी किसान आंदोलन की वजह से रेल यातायात भी काफी प्रभावित हुआ है। पंजाब से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रेलवे के द्वारा रद्द किया जा चुका है। रेलवे ने बड़ी संख्या में ट्रेनों को कैंसल कर दिया है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को आंशिक तौर पर भी रद्द कर दिया है। रेलवे ने इसके साथ ही कुछ ट्रेनों के रूट को भी बदल दिया है। किसानों के गुस्से और यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने सभी ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

Advertisements
HINDXPRESS NEWS CLICK HERE

जानकारी देते हुए अंबाला छावनी के स्टेशन डायरेक्टर ने बताया कि आज से पंजाब जाने वाली और आने वाली माल गाड़ियों को बंद कर दिया गया है किसान आंदोलन के चलते यह फैसला दिया गया है यह फैसला अनिश्चितकाल तक के लिए लिया गया है उन्होंने बताया कि यात्रिय गाड़ियां तो पहले से ही बंद थी आज से माल गाड़ियों को भी बंद कर दिया गया है।

निदेशक बीएस गिल ने बताया कि अभी तक कोरोना काल में कुछ ही पैसेंजर ट्रेंस चली थी लेकिन रेलवे को किसान आंदोलन के चलते उन्हें भी बंद करना पड़ गया था खासकर पंजाब जाने वाली गाड़ियां,लेकिन पंजाब के किसानो ने माल गाड़ियों को नहीं रोका था जिससे रेलवे की आय में ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था लेकिन अब पंजाब के किसानो ने आंदोलन को और तेज़ कर दिया और माल गाड़ियों को भी रोक दिया जिससे रेलवे की आय में बहुत ज्यादा फर्क पड़ेगा। पंजाब में माल गाड़ियां न जाने के कारण रेलगाड़ियों द्वारा पंजाब जाने वाला सामान अम्बाला तक ही पहुँच रहा है जिससे रेलवे प्लेटफार्म पर व् पार्सल कार्यालय में काफी सामान आ गया है लेकिन रेलवे ने पंजाब जाने वाले सामान को वहां के व्यापारियों को सुचना दे दी है जिससे वे सड़क मार्ग द्वारा अम्बाला से अपना सामान ले जा रहे है।

बता दें कि पिछले दिनों पंजाब की कैप्टन सरकार ने कहा था कि मालगाड़ी नहीं चलने की वजह से कोयले की सप्लाई का काम ठप हो गया है जिसकी वजह से थर्मल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन पर संकट के बादल गहरा गए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने किसानों से कहा था कि कोयले की सप्लाई समय पर नहीं होती है तो पंजाब में बिजली उत्पादन प्रभावित हो जाएगा। बता दें कि किसान संगठन 1 अक्टूबर 2020 से कृषि बिल के विरोध में रेलवे ट्रैक पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं अलग-अलग क्षेत्रों में भी किसानों के द्वारा कृषि बिल का विरोध हो रहा है।

Check Also

anil-vij-black-flag

किसानों ने मंत्री जी का किया जबरदस्त विरोध ! दिखाए काले झंडे ; लौटना पड़ा वापिस

देशभर में कृषि कानूनों के विरोध में किसान सड़कों पर हैं। वहीं अंबाला कैंट के …