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हरियाणा के पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले में राजनेता के लिप्त होने की इनेलो नेता अभय चौटाला ने जताई शंका

चंडीगढ़, 21 दिसम्बर:। हरियाणा के पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले के मामले में विजिलेंस जांच के बाद सरकार ने हाल में करीब आधा दर्जन अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी लेकिन विपक्षी दल इनेलो के विधायक अभय सिंह चौटाला ने शंका जताई है कि इस घोटाले में न केवल उच्च अधिकारी बल्कि राजनेता भी लिप्त है। उन्होंने कहा कि छोटे अधिकारियों पर ही नही बल्कि उच्च अधिकारियों व राजनेता को भी कानून की चौखट पर लाया जाए। चौटाला का इशारा अभी मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार नियुक्त कृष्ण कुमार बेदी की ओर था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में जांच के बाद यह घोटाला सो करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि घोटाले के संयब बेदी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री थे।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल भ्रष्टाचार समाप्त करने का ढिंढोरा पीटते रहते हैं परंतु भाजपा सरकार के पिछले शासन काल में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाला सरकार की नाक के नीचे होता रहा और यह भी समझ से परे है कि क्या सरकार को इस घोटाले की भनक तक नहीं लगी। अपने निर्वाचन क्षेत्र ऐलनाबाद हलके के धन्यवाद दौरे के दौरान इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा का एलान कर ‘अपने मुँह मियाँ-मिठू’ बन रही है। लेकिन जिस मंत्री के विभाग में करोड़ों का छात्रवृत्ति घोटाला होता रहा उसको आज इनाम के तौर पर मुख्यमंत्री ने अपना राजनीतिक सलाहकार के बनाया है। भाजपा की कथनी और करनी में दिन रात का अंतर है।

इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा घोटालों की जननी है, कभी धान घोटाला तो कभी प्रति किलोमीटर बस किराया घोटाला के अलावा अगर घोटालों का जिक्र करें, सूची लंबी होती जाएगी। छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दा विभाग के -निर्देशक संजीव कुमार ने उठाया जिसको सरकार ने तुरंत बदल कर महत्वहीन विभाग में भेज दिया। इस घोटाले की जांच विजीलैंस विभाग कर रहा है परंतु कार्यवाही केवल छोटी मछलियों पर हो रही है और बड़े मगरमच्छों को बचाने का पूर्ण प्रयास हो रहा है। अभी तक तो नौ जिलों के खातों की जांच की है जिसमें लगभग 43 करोड़ का घपला सामने आया है। ऐसा लगता है कि सभी जिलों को जांच के पश्चात यह घोटाला सौ करोड़ से कम का नहीं होगा। इस घपले में अपात्र छात्रों के नाम राशि जारी करके उसको हड़पने का काम किया गया। विजीलैंस विभाग के अनुसार फर्जी छात्रों का दाखिला दिखा कर फर्जी खातों में राशि डाल कर इस घपले को अंजाम दिया गया है।

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इनेलो नेता ने कहा कि इतने बड़े घोटाले को केवल अधिकारी ही अंजाम नहीं दे सकते अर्थात् इसमें बड़ी मछलियों की संलिप्तता से नकारा नहीं जा सकता। जाँच से पता चला है कि जिन संस्थाओं के नाम राशि जारी की है उससे से 30-40 प्रतिशत संस्थान तो फर्जी ही हैं और जिन छात्रों का नाम और पता छात्रवृत्तियों के विवरण में दिया गया है वह सभी फर्जी हैं। जजपा के नेता भी किसी समय इस घोटाले के मामले में भाजपा को पानी पी-पीकर कोसते थे परंतु वह आज मौनव्रत पर हंै। इनेलो पार्टी मांग करती हैं कि जिन उच्च अधिकारियों व राजनेताओं की इस छात्रवृत्ति घोटाले बारे में सक्रिय भागीदारी रही है उनसे भी पूछताछ की जाए, केवलमात्र खानापूर्ति के लिये छोटे अधिकारियों को ही बली का बकरा न बनाया जाए। जब तक इस घोटाले की जांच पूरी नहीं होती तब तक संदेहास्पद राजनेता को अहम पद से वंचित रखा जाए अन्यथा वो सारे मामले में घालमेल करके सच्चाई को सामने आने में अड़चने पैदा करेगा। इनेलो नेता ने कहा कि जो भी इस घोटाले में दोषी पाया जाए उससे ब्याज सहित पूरी राशि वसूल करके क़ानून के अनुसार दंडित किया जाना प्रदेश सरकार का दायित्व बनता है।

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