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हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने बटवारे में मिला विधान भवन का बाकी हिस्सा सौंपने की मांग उठाई

चंडीगढ,6दिसम्बर। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने बटवारे में मिले विधान भवन के हिस्से में से पंजाब विधानसभा के पास बाकी रहे हिस्से को जल्दी लौटाने की मांग उठाई है। गुप्ता ने इस मांग को लेकर शुक्रवार को पंजाब विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी से मुलाकात की है।

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इस मुलाकात के बाद गुप्ता ने यहां मीडिया को बताया कि राणा केपी ने जल्दी ही दोनों विधानसभा सचिवों की बैठक बुलाकर हरियाणा विधानसभा के भवन को उसके हिस्से का क्षेत्र सौंपने की कार्यवाही शुरू करने का भरोसा दिलाया है। गुप्ता ने बताया कि राणा केपी ने उनकी मांग पर गंभीर रूख दिखाया है और उन्हें भरोसा है कि हरियाणा विधानसभा को जल्दी ही उसके भवन का बाकी हिस्सा मिल जायेगा।

 

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उन्होंने कहा विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर यह मुद््दा पहली बार उन्होंने उठाया है। वर्ष 1966 में पंजाब और हरियाणा विधानसभाओं के लिए भवन का बटवारा साठ अनुपात चालीस के फॉर्मूले से किया गया था। इस बटवारे के तहत हरियाणा विधानसभा भवन के लिए 24680 वर्ग फीट हिस्से का आवंटन किया गया था। लेकिन यह पूरा हिस्सा अब तक हरियाणा विधानसभा को नहीं मिला है। हरियाणा के हिस्से में बने 16 कमरे अभी तक पंजाब विधानसभा के कब्जे में है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों की विधानसभाओं के बीच भवनों का यह बटवारा किया गया था तब हरियाणा विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या 54 थी। इसके बाद 1967 में यह संख्या बढकर 81 हुई थी और अब सदस्य संख्या 90 है। सदस्य संख्या बढने के साथ ही हरियाणा विधानसभा भवन के तहत अधिक स्थान की जरूरत है। अब मंत्रियों और स्टाफ को बैठने के लिए अधिक स्थान की जरूरत पडती है।

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गुप्ता ने बताया कि विधान भवन के कुल 66430 वर्ग फीट हिस्से में से पंजाब के विधान भवन के लिए 30890 वर्ग फीट हिस्सा आवंटित किया गया था। बटवारे के तहत पंजाब को विधान भवन का साठ फीसदी हिस्सा मिला था। हरियाणा को चालीस फीसदी हिस्सा ही मिला था। इस चालीस फीसदी हिस्से में से भी हरियाणा को अभी तक 27 फीसदी हिस्सा ही मिला है। साफ तौर पर 13 फीसदी हिस्सा लेना अभी बाकी है। उस समय पंजाब में विधान परिषद भी थी जिसे बाद में समाप्त कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि अखण्ड पंजाब के विभाजन के साथ ही पंजाब और हरियाणा के बीच सचिवालय भवन का बटवारा भी साथ अनुपात चालीस के फॉर्मूले के तहत किया गया था।

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