Breaking News
Home / Haryana / कृषि अध्यादेशों से किसान तो मरेगा ही लेकिन मजदूर उनसे पहले मरेगा-जाट नेता यशपाल मलिक

कृषि अध्यादेशों से किसान तो मरेगा ही लेकिन मजदूर उनसे पहले मरेगा-जाट नेता यशपाल मलिक

रोहतक (सनी) । कृषि अध्यादेशों के विरोध में जाट आरक्षण संघर्ष समिति भी आ गई है। इस संबंध में बयान देते हुए जाट नेता यशपाल मलिक ने कहा कि कृषि अध्यादेशों से किसान तो मरेगा ही मरेगा। लेकिन खेती में जुटा मजदूर उससे पहले मरेगा, क्योंकि जब कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग से 200-200 एकड़ जमीन की खेती होगी तो मजदूरों से नहीं बल्कि मशीनों से काम लिया जाएगा। जाट नेता रोहतक के जसिया में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक लेने पहुंचे थे।

Advertisements

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए यशपाल मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने कृषि अध्यादेशों के विरोध में किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। वे आगे भी किसान नेताओं को सहयोग करेंगे और उन्हें समझाने की कोशिश करेंगे कि किसानों के साथ-साथ मजदूर और छोटे व्यापारी को साथ लेकर यह लड़ाई लड़नी चाहिए।

उन्होंने कहा कि खेती में किसान के साथ-साथ मजदूर भी जुटा हुआ है, जब खेती ही नहीं रहेगी तो किसान के साथ-साथ मजदूर भी मरेगा, वह भी खत्म हो जाएगा। बड़ी-बड़ी कंपनियां मशीनों से काम करेगी और मजदूर भुखमरी की कगार पर आ जाएगा। मलिक ने कहा कि उन्होंने जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेताओं को आदेश दे दिए हैं कि वे किसान नेताओं के बीच जाएं उनका समर्थन करें और उन्हें बताएं कि किस तरह सरकार उनके आंदोलन को कमजोर कर सकती है। ये आंदोलन एकजुट होकर ही लड़ा जा सकता है।

Advertisements

इसके अलावा बैठक में 24 नवंबर को छोटूराम जयंती मनाने को लेकर चर्चा हुई। मलिक ने कहा कि कोरोना की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखते हुए जयंती मनाई जाएगी। इसके अलावा सरकार द्वारा जाट आरक्षण से जुड़े किए गए वायदों पर भी चर्चा की गई।

Advertisements
whatsapp-hindxpress
Advertisements

Check Also

gangster

यूपी/बांदा में पुलिस ने गाजे-बाजे के साथ जब्त की गैंगस्टर की करोड़ों की संपत्ति कुर्क

यूपी/बांदा: लक्ष्मी कांत तिवारी ( रामजी) : बांदा पुलिस ने बुधवार को शहर के गैंगस्टर …

error: Content is protected !!