ट्रैफिक़ नियमों के उल्लंघन सम्बन्धी मौके पर चालान के लिए दी जाएंगी ई-चालान मशीनें- रजिया सुल्ताना | Hindxpress

ट्रैफिक़ नियमों के उल्लंघन सम्बन्धी मौके पर चालान के लिए दी जाएंगी ई-चालान मशीनें- रजिया सुल्ताना

ट्रैफिक़ नियमों के उल्लंघन सम्बन्धी मौके पर चालान के लिए दी जाएंगी ई-चालान मशीनें- रजिया सुल्ताना

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चंडीगढ़, 13 अगस्त: ट्रैफिक़ नियमों के उल्लंघन को रोकने और वाहन चालकों के दरमियान ट्रैफिक़ नियमों को सख्ती से लागू करने के मद्देनजऱ परिवहन विभाग ने ई-चालान मशीनें खरीदने का फ़ैसला किया है जो कि ट्रैफिक़ नियमों का उल्लंघन करने वालों का मौके पर चालान करने के लिए ट्रैफिक़ पुलिस को प्रदान की जाएंगी। यह जानकारी पंजाब के परिवहन मंत्री श्रीमती रजिया सुल्ताना ने पंजाब भवन, चंडीगढ़ में पंजाब सडक़ सुरक्षा कौंसिल की 6वीं मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही रोड सेफ्टी सचिवालय की स्थापना की जाएगी जिसका प्रबंध सडक़ सुरक्षा माहिर करेंगे। यह सचिवालय सडक़ सुरक्षा नियमों की पालना को यकीनी बनाने के लिए राज्य की मुख्य सडक़ों पर वाहनों के यातायात पर नजऱ रखेगा।

यहाँ जारी एक प्रैस बयान में रजिया सुल्ताना ने कहा कि यह ई-चालान मशीनें वायरलैस ब्लूटुथ, स्टेशनरी और प्रिंटर के साथ मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि पंजाब मेंज्य़ादा दुर्घटनाओं वाली 200 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है। परिवहन विभाग द्वारा 20 लाख से 30 लाख रुपए हरेक जगह पर ख़र्च करके क्रमवार ढंग से इन स्थानों का सुधार किया जायेगा। उन्होंने आगे बताया कि मुख्य मार्ग के साथ मिलने वाली विभिन्न साईड सडक़ों के जटिल एंट्री प्वाइंटों और जोड़ों में संशोधन करने के अलावा सडक़ों पर रम्बल (रोकें) और लोहे के एंगल लगाए जाएंगे।

परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को यह यकीनी बनाने की सख्त हिदायतें की कि पंजाब के सभी टोल प्लाज़ों में ओवरलोडिड वाहनों के आने-जाने को रोकने के लिए भार तोलने वाली मशीनें लाजि़मी होनी चाहीए। उन्होंने कहा कि यदि एक ओवरलोडिड वाहन का चालान हो गया तो उस वाहन को आगे जाने की आज्ञा नहीं दी जानी चाहिए।

प्रमुख सचिव, परिवहन के. सिवा प्रसाद ने मंत्री को बताया कि ख़ून में अल्कोहल के स्तर की जांच करने के लिए 195 साँस की जांच करने वाली मशीनें खरीदी गई इसी तरह 56 स्पीड गन्नें खरीदने के लिए टैंडर पहले ही जारी किये जा चुके हैं।

ए.डी.जी.पी. ट्रैफिक़ डा. शरद चौहान ने परिवहन मंत्री को अवगत करवाया कि सडक़ हादसों के दौरान पीडि़तों को तुरंत राहत और डॉक्टरी सहायता प्रदान करने के लिए 100 ऐंबूलैंसें पुलिस विभाग के पास पहले ही मौजूद हैं। परिवहन मंत्री ने एडीजीपी को स्वास्थ्य विभाग के साथ भी तालमेल करने की हिदायत की जो सडक़ हादसों में पीडि़त व्यक्ति को एमरजैंसी डॉक्टरी सेवाएं प्रदान करने के लिए हाईवे पर 108 एंबुलेंस सेवा प्रदान कर रही हैं।

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