Breaking News
Home / Dharm/Festivals / धनतेरस पर्व 13 नवंबर को,धनतेरस पर खाली बर्तन ना लाएं घर,माना जाता है अशुभ

धनतेरस पर्व 13 नवंबर को,धनतेरस पर खाली बर्तन ना लाएं घर,माना जाता है अशुभ

चंडीगढ़: धनतेरस पर्व दीवाली के आगमन की सूचना देता है।धनतेरस होने से स्वास्थ्य के देवता भगवान धनवंतरी की पूजा भी करने का विधान है। धनतेरस 12 व 13 नवम्बर की रात्री को 9:30 बजे त्र्योदशी प्रारम्भ हो जाएगी, जोकि शाम को 13 नवम्बर 2020 को शाम को 6 बजे तक त्रयोदशी रहेगी। इस लिए धनतेरस 13 नवम्बर को मनानी चाहिए, विशेष कर के जो आयुर्वेद ओर चिकित्सा जगत से जुड़े हुए लोग है  उन्हे भगवान धन्वन्तरी का पूजन करते है। धनतेरस मनाने के पीछे भी एक पौराणिक कथा प्रचलित है। हिंदू धर्मग्रन्थों के मुताबिक, जब क्षीरसागर का मंथन हो रहा था तो धनवंतरि अमृत का घड़ा लेकर प्रकट हुए थे। इसीलिए धनतेरस को सुख और समृद्धि के पर्व के तौर पर मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान त्रयो‍दशी के दिन भगवान धनवंतरि प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन को धन त्रयोदशी कहा जाता है।  भगवान धनवंतरि को नारायण भगवान विष्णु का ही एक रूप माना जाता है। इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें से दो भुजाओं में वे शंख और चक्र धारण किए हुए हैं। दूसरी दो भुजाओं में औषधि के साथ वे अमृत कलश लिए हुए हैं  ऐसा माना जाता है कि यह अमृत कलश पीतल का बना हुआ है, क्योंकि पीतल भगवान धनवंतरी की प्रिय धातु है। इसीलिए धनतेरस के दिन पीतल की खरीदारी को ज्यादा फलदायी माना गया है।  इसदिन भगवान धन्वन्तरी का पूजन करना चाहिय तथा यमराज के लिए दीप दान करना चाहिए । एंव्म घर के लिए नए पात्र एंव्म भूमि भवन वाहन का खरीदना इस दिन शुभ माना जाता है । इस दिन भगवान धन्वन्तरी ओषधि लेकर प्रकट हुए थे । इसीलिए उन्हे ओषधि का स्वामी कहा जाता है कहा जाता है अगर इस दिन माँ लक्ष्मी का पूजन करे तो माँ लक्ष्मी का घर मे साथई रूप से निवास होता है जैसा की हमने बताया की ध्नवंतरी भगवान पीतल का कलश लेकर प्रकट हुये थे पीतल भगवान धनवंतरी की प्रिय धातु है। इसीलिए धनतेरस के दिन पीतल की खरीदारी को ज्यादा फलदायी माना गया है। 

Advertisements

 

इस दिन काफी लोग बर्तन की ख़रीदारी करते है बर्तन खरदीदारी समय कुछ बातों विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए 
खाली बर्तन ना लाएं-
  • खाली बर्तन घर लाना अशुभ माना जाता है, इसलिए ऐसा करने से बचें।
  • धनतेरस के दिन चांदी का बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। लेकिन बर्तन की खरीदारी के वक्त कुछ सावधानियों को ध्यान में रखना जरूरी है।
  • घर पर खाली बर्तन कभी ना लाएं। इसे घर लाने पर पानी से भर दें। पानी को भाग्य से जोड़कर देखा जाता है। इससे आपके घर में समृद्धि और संपन्नता का वास रहेगा।
  • बर्तन घर लाकर उसमें शकर भर सकते हैं ताकि समृद्धि बनी रहे।
  • बर्तन में श्वेत चावल भर सकते हैं इससे सौभाग्य चमक सकता है।
  • उसमें दूध भी रख सकते हैं।
  • गुड़ और गेंहू रखने का भी रिवाज है।
  • आप उसमें सिक्के भी डाल सकते हैं।
  • बर्तन में शहद भी भरा जाता है।

Check Also

ahoi-ashtami

संतान की मंगलकामना के लिए अहोई अष्टमी का व्रत 8 नवम्बर 2020 दिन रविवार को

अहोई, अनहोनी शब्द का अपभ्रंश है। अनहोनी को टालने वाली माता देवी पार्वती हैं। इसलिए …