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बेचैन कलम

अंतर्मन चेतना को पहचाने

aatma

अंतर्मन चेतना को पहचानें _ [ अगर हम अच्छी सोच के साथ जीना सीख जाएं तो बुरी स्थितियां अपने आप खत्म हो जाएंगी ] हमारे जीवन में आने वाले उतार-चढाव भी उतने ही स्वाभाविक हैं, जितना कि मौसम का बदलना, पेड-पौधों का मुरझाना और दोबारा उन पर नई कोपलें फूटना। …

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नशे से जीवन का सत्यानाश

नशे से जीवन का सत्यानाश _ दिल पे नशा ये भारी है, सबसे बड़ी बीमारी है। कुछ पल का नशा सारी उम्र की सजा। फिक्रमंदी बैगर अच्छे-अच्छों को नशे का नशा हो जाता है। नशा चीज ही ऐसी है भाई! फिर क्यों नशे का नशा ना हो। गुमानी में जिधर …

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समय की महत्ता

IMPOTANCE OF TIME

समय की महत्ता _ समय का सदुपयोग नामक इस शब्द से तात्पर्य है। समय की महत्ता को समझते हुए अपने जीवन के हर क्षेत्र में समय का कुशलता पूर्वक प्रयोग करना। समय एक ऐसी चीज है, जो किसी भी स्थिति में अपने निरंतरता में बाध्यता नहीं आने देती है। यह …

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ईश्वर एक विश्वास

god

ईश्वर विश्वास पर ही मानव प्रगति का इतिहास टिका हुआ है। जब यह डगमगा जाता है तो व्यक्ति इधर- उधर हाथ पाँव फेंकता विक्षुब्ध मनः स्थिति को प्राप्त होता दिखाई देता है। ईश्वर चेतना की वह शक्ति है जो ब्रह्माण्ड के भीतर और बाहर जो कुछ है, उस सब में …

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आज समाज के भीतर पनप रहे रावण को जलाने की जरूरत

Ravan

आज हर तरफ फैले भ्रष्टाचार और अन्याय रूपी अंधकार को देखकर मन में हमेशा उस उजाले को पाने की चाह रहती है, जो इस अंधकार को मिटाए। कहीं से भी कोई आस न मिलने के बाद हम अपनी संस्कृति के ही पन्नों को पलट आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं। …

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युवा वर्ग साहित्य से मीलों दूर

PIC

युवा वर्ग साहित्य से मीलों दूर युवा वर्ग साहित्य से दूर होता जा रहा है। इसका पहला संभावित कारण है कि साहित्य व्यावहारिक नहीं रहा। दूसरा कारण है कि युवा करियर की स्पर्धा में है तथा उनका रुझान सोशल मीडिया व इंटरनेट की ओर है। इसके अलावा अध्ययन व अध्यापन …

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