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बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 129 वीं जयंती आज,प्रधानमंत्री सहित कई राजनेताओं ने दी श्रद्धांजलि

बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की जयतीं कल यानी मंगलवार को मनाई जाएगी. संविधान निर्माता की जयंती के मौके पर हम आपको उनके बारे में कुछ ऐसे तत्य और वक्तव्य बताने जा रहे हैं. जिन्हें कम ही लोग जानते हैं. बाबासाहेब का जीवन सतत संघर्ष और सफलता का ऐसा समन्दर है जिसमे खोजा जाए तो हमें ज्ञान और प्रेरणा रुपी बहुमूल्य रत्न प्राप्त हो सकते हैं.

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बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती पर सभी देशवासियों की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।

 

Delhi: Union Home Minister Amit Shah pays tribute to Dr. BR Ambedkar on his birth anniversary.

 

 

मैं बाबासाहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर कोटी-कोटी नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। अम्बेडकर जी के ही प्रयासों का प्ररिणाम है न केवल भारत में बल्कि पूरे दुनिया में सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज़ उठी: UP सीएम योगी आदित्यनाथ

 

“Dr BR Ambedkar was man behind our constitution which is soul of our nation. His efforts towards upliftment of underprivileged continue to guide us. On his birth anniversary let’s dedicate a few mins to revisit his work & values he taught”, Chief Minister,

 

दिल्ली : बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर बीजेपी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिल्ली : बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और उनकी पत्नी ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।

आज देश के करोड़ो दलितों, आदिवासियों, पिछड़ो और दूसरे उपेक्षित वर्गों के मसीहा और संविधान के निर्माता डॉ बी.आर. अंबेडकर की जयंती है। इस शुभ अवसर पर मैं अपने और अपनी पार्टी की तरफ से हार्दिक श्रद्धासुमन अर्पित करती हूं: बसपा सुप्रीमो मायावती

दुनिया को एक नया नजरिया देने वाली अम्बेडकर की खास बातें
इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है। निहित स्वार्थों को तब तक स्वेच्छा से नहीं छोड़ा गया है, जब तक कि मजबूर करने के लिए पर्याप्त बल न लगाया गया हो।
बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।
यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा।
जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते,कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके लिये बेमानी है।
समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा।

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