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छात्रा यूनिवर्सिटी के टॉइलट में छिपकर बना रही थी वीडियो ,जानें पुलिस अधिकारियों से छात्राओं ने क्या कहा…

पंजाब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने मोहाली जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी छात्राओं से मुलाकात की। पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्रावास में रहने वाली एक छात्रा ने अपना ही वीडियो हिमाचल प्रदेश के एक व्यक्ति को साझा किया और उस व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है। वहीं छात्राओं ने अधिकारियों से बताया कि कैसे उन्हें यह एमएमएस वाली घटना का पता चला।

घटना के बाद पंजाब की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) गुरप्रीत देव, मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक शील सोनी और जीपीएस भुल्लर सहित अन्य शीर्ष अधिकारी तथा उपायुक्त सहित मोहाली जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी हालात का जायजा लेने के लिए विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे।

अधिकारियों ने लगभग 60 छात्राओं से की बात
अधिकारी ने कहा, ‘हमने 50-60 छात्राओं से बातचीत की जो उसी तल पर आरोपी छात्रा के साथ रहती हैं। अधिकतर अलग बातें कर रही हैं और एक-दूसरे को जानती नहीं हैं।’ उन्होंने कहा कि छात्रावास में चार हजार छात्राएं रहती हैं और पुलिस ने उनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि उसका फोन पुलिस के कब्जे में है और राज्य साइबर अपराध शाखा जांच कर रही है।

ऐसे घटना का चला पता
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि छात्राएं कथित तौर पर सोशल मीडिया पर वीडियो सार्वजनिक किए जाने से विशेष रूप से चिंतित थीं। देव ने बताया कि तीन से चार छात्राओं ने आरोपी को टॉइलट में देखा जहां वह अपने फोन से कुछ तस्वीरें ले रही थी और उन्हें लगा कि वह दरवाजे के नीचे से तस्वीरें ले रही है…..। इसके बाद उन्होंने वार्डन को इसकी जानकारी दी और इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

देव ने कहा, ‘मामले का दूसरा हिस्सा यह है कि छात्रावास में छात्राओं के एक समूह ने आरोपी को कुछ ऐसा करते देखा जो आपत्तिजनक था। अतिरिक्त डीजी होने तथा महिला तथा बाल अधिकार विभाग का प्रभार संभालने के नाते मुझे छात्राओं से बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई क्योंकि इस मामले को लेकर काफी सारी अफवाहें फैल रही हैं।’

 

‘छात्रा के मोबाइल में नहीं मिले वीडियो’
अधिकारी ने कहा, ‘मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि छात्राएं अब प्रसन्न हैं क्योंकि उनकी चिंताओं का निवारण कर दिया गया है। छात्राएं यह जानना चाहती थीं कि आरोपी के फोन में अन्य छात्राओं के वीडियो हैं अथवा नहीं। प्रथम दृष्टया हमें एसे वीडियो नहीं मिले हैं।’

पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमें इस मामले को सनसनीखेज नहीं बनाना चाहिए। ऐसे कई चीजें सोशल मीडिया पर फैल रही हैं जैसे लड़कियों ने आत्महत्या की कोशिश की, जो सही नहीं है।

पुलिस अधिकारी ने साथ ही कहा कि अगर कोई वीडियो आरोपी के फोन से मिटाया गया होगा तो उसे वापस पाया जा सकता है। लेकिन हमें अनुमान और धारणाओं पर कुछ नहीं कहना चाहिए और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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