Home BREAKING नवजोत सिद्धू की पत्नी चंडीगढ लोकसभा सीट से टिकट की दावेदार

नवजोत सिद्धू की पत्नी चंडीगढ लोकसभा सीट से टिकट की दावेदार

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चंडीगढ,26जनवरी। पंजाब की कांग्रेस सरकार में केबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू की पत्नी डॉ नवजोत कौर ने चंडीगढ लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट
के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। अब समझा ये जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं उनकी बहिन प्रियंका गांधी के साथ नजदीकियों के
चलते नवजोत सिद्धू अपनी पत्नी के लिए टिकट हासिल कर लेंगे।

नवजोत सिद्धू को कांग्रेस में राहुल और प्रियंका ने ही शामिल किया था। अब प्रियंका गांधी भी कांग्रेस महासचिव के पद पर सीधे तौर पर राजनीति में आ गई है। ऐसे में नवजोत सिद्धू के लिए अपनी पत्नी का टिकट पक्का कराना आसान होगा। डॉ नवजोत सिद्धू ने चंडीगढ लोकसभा सीट के टिकट के लिए एक दिन पहले शुक्रवार को औपचारिक रूप से अपना आवेदन चंडीगढ टैरिटरी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप छाबडा को औपचारिक रूप से सौंप दिया।

इतना ही नहीं टिकट के लिए आवेदन सौंपने के तुरन्त बाद गणतंत्र दिवस का ध्वजारोहण उन्होंने चंडीगढ की कॉलोनी धनास में किया। इस तरह चंडीगढ में लोकसभा चुनाव से पहले की कवायद उन्होंने शुरू कर दी। धनास में राष्ट्ध्वज फहराने के बाद डॉ नवजोत कौर ने मीडिया से बातचीत में इस बात से इनकार किया कि वे चंडीगढ के लिए बाहरी है। उन्होंने कहा कि यहीं सेक्टर 28 में अपने पिता समान जस्टिस सरकारिया के यहां रहते हुए उनकी शिक्षा हुई थी। इसके बाद पटियाला में सरकारी सेवा के दौरान भी वे चंडीगढ में रहीं क्योंकि पटियाला चंडीगढ से सटा हुआ है। इसके बाद भी अभी वे दो साल से चंडीगढ में रहती है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि हाल में राहुल गांधी से मुलाकात में उन्हें चंडीगढ सीट से टिकट के लिए आवेदन देने को कहा गया था। इस सवाल पर कि चंडीगढ सीट से टिकट के लिए और भी आवेदन आए है,नवजोत कौर ने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।

चंडीगढ लोकसभा सीट से वर्ष 2014 में कांग्रेस के टिकट पर पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने चुनाव लडा था। वे भाजपा प्रत्याशी किरण खैर के मुकाबले चुनाव हार गए थे। चंडीगढ सीट से तब टिकट की दावेदारी मनीष तिवारी भी कर रहे थे। तिवारी ने टिकट के लिए पवन बंसल का विरोध भी शुरू कर दिया था। बाद में तिवारी ने स्वास्थ्य सम्बन्धी कारणों से लोकसभा चुनाव लडने से ही इनकार कर दिया था। अब डॉ नवजोत कौर की दावेदारी से पुराने दावेदार पिछडते दिखाई दे रहे है।