Home HARYANA “म्हारा हरियाणा बेहतर हरियाणा ” पर हुई विचार संगोष्ठी

“म्हारा हरियाणा बेहतर हरियाणा ” पर हुई विचार संगोष्ठी

7
0

हरियाणा स्पोर्ट्स के क्षेत्र में पहले से कई गुना बेहतर हुए है और शीघ्र ही हम स्पोर्ट्स में नम्बर एक का पायदान छूएंगे | हरियाणा दिवस की पूर्व संध्या पर हरियाणा ग्रंथ अकादमी द्वारा आयोजित विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने यह टिप्पणी की | हर दिन बेहतर होते हरियाणा विधायक ने कहा कि हमारे प्रदेश का विकास अन्य प्रदेशों के मुकाबले अधिक तेजी से हुआ है | हमारा प्रशानिक जन्म देश के अनेको प्रदेशों के बाद होने के बावजूद विकास के मामले में हम आगे हैं | कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष प्रो वीरेन्द्र सिंह चौहान ने की तथा डॉक्टर चंद्र त्रिखा, निदेशक एवं उपाध्यक्ष हरियाणा उर्दू अकादमी मुख्या वक्ता रहे |

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना तथा दीप प्रज्ज्वलन द्वारा की गई। मुख्य वक्ता के रूप में पधारे डॉक्टर चंद्र त्रिखा, निदेशक एवं उपाध्यक्ष हरियाणा उर्दू अकादमी ने कहा कि हरियाणा का इतिहास बहुत पुराना है और पिछले 4 सालों में हरियाणा ने बहुत तरक्की की है।

हरियाणा का अस्तित्व उतना ही पुराना है जितना हमारा भारत और हमारी वैदिक संस्कृति | भले ही प्रशासनिक रूप से हरियाणा का जन्मदिवस कल मनाया जा रहा हो लेकिन हम वैदिक संस्कृति के जनक और रक्षक के रूप में सदियों से अस्तित्व में रहे हैं | यह वाक्य प्रोसेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने हरियाणा दिवस की पूर्व संध्या पर हरियाणा ग्रंथ अकादमी के सभागार में आयोजित कार्यक्रम “म्हारा हरियाणा बेहतर हरियाणा ” विचार संगोष्ठी में कहे | उन्होंने कहा कि वैदिक परंपरा का जन्म स्थल सरस्वती नदी का तट है और इसी के किनारे वैदिक सभ्यता ने हिलोरें भरी, और ये वही सरस्वती नदी है जो वर्तमान हरियाणा में पाई गई है |

डॉ. मुक्ता ने कहा कि हरियाणा, भारत की “अतिथि देवो भव” परंपरा का अनुसरण करता है | उन्होंने हरियाणा के लोगों के लिए कहा कि हरियाणा के लोग कर्मठता के लिए प्रसिद्ध हैं | वे जो भी कार्य करते हैं जी जान लगाकर करते हैं | उन्होंने कहा कि हरियाणा बेहतर बनने की राह पर है लेकिन आज भी लिंग अनुपात में हरियाणा काफी पीछे है | उन्होंने कहा कि प्रदेश का लोक साहित्य बहुत ही अमीर है जिसका दूसरा कोई सानी नहीं है उन्होंने बताया कि हरियाणा ग्रंथ अकादमी से बाजे भगत तथा लख्मीचंद जैसी पुस्तकों का प्रकाशन होता रहा है उन्होंने सभी को हरियाणा दिवस की शुभकामनाएं भी दी।

निदेशक हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी, गुरविंदर सिंह धमीजा ने कहा की “म्हारा हरियाणा बेहतर हरियाणा ” पर विचार संगोष्ठी करना अपने आप में सराहनीय कार्य है उन्होंने वर्तमान सरकार की 4 साल की उपलब्धियों का वर्णन करते हुए कहा कि इस सरकार ने लोगों को योग्यताओं तथा क्षमताओं के बल पर नौकरियां तथा अवसर दिए हैं जो कि पहले देखने को नहीं मिलता था आज हरियाणा बेहतर से बहुत बेहतर की ओर बढ़ रहा है उन्होंने अपने कई अनुभव सांझा किए तथा बताया कि हम सबको मिलकर बेहतर हरियाणा का निर्माण करना होगा केवल सरकार को ही जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

कार्यक्रम में नितिन त्रिखा जो कि एक हरियाणवी गायक हैं उनकी एल्बम को लांच किया गया जिसका नाम 70 का हरियाणा-2 है जिसमें उन्होंने 70 के दशक के हरियाणा को गीत में बांधकर लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है।

इतिहासविद एम. एम जुनेजा ने हरियाणा के लोगों का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान पर प्रकाश डाला | इस अवसर पर कालिया हमदम, नीलम त्रिखा, प्रतिभा माही व डॉ शिवा ने अपने विचार रखे |

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. वीरेन्द्र सिंह चौहान ने सभी उपस्थित अतिथियों से बेहतर हरियाणा बनाने के सन्दर्भ में विचार विमर्श किया और कहा की प्रदेश के सरकार ने बेहतर हरियाणा बनाए के क्रम में अनेकों कार्य किया हैं जिनमे हर गाँव में बिजली पहुँचाना , बालिका जन्म दर में सुधार , नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की समाप्ति आदि प्रमुख हैं |

इस अवसर पर प्रताप आटा , सन्नी दहिया , कपिल सहगल, राजबीर सिंह, वीरेन्द्र सिंह, रवि शर्मा, गोपाल सिंह, सविता गर्ग , मनोरमा , सत्रा शर्मा, नरेश चौधरी , रोशन चौहान आदि उपस्थित थे |