Home HARYANA जीवो मंगलम संस्था बनी बेजुबान पशु−पक्षियों के लिए दवाखाना

जीवो मंगलम संस्था बनी बेजुबान पशु−पक्षियों के लिए दवाखाना

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करनाल (मैनपाल कश्यप) । आसमान को नापने वाले आज घुट घुट का जीने को मजबूर है कभी अपने पंखो से आसमान की उचाई नापने वाले बेजुबान आज मरने की कदार पर है कुछ तो चाईनिज मांझे की मेहरबानी तो कुछ बढ़ते मोबाइल टावर की ! जी हां बात सच्ची अगर यकीन ना हो तो तस्वीरे देख लीजिये कैसे खुले आसमान में जीने वाले आज घुट- घुटकर डर डर कर जी रहे है इन्हें डर है कही अगर यह बाहर निकले तो किसी पतंग के मांझे में उलझ ना जाए अगर उलझ गए तो समझो गए ! कहने को आज बसंत पंचमी का त्यौहार है आज के बाद सर्दी भी खत्म हो जाती है लोग आज के दिन खूब पतंगे उड़ा रहे है खुश है लेकिन उनकी ख़ुशी किसी और के लिए उनकी मोत साबित हो रही है और यह मरने वाले है बेजुबान पक्षी कबूतर तोता कौआ व् अन्य और इनके मरने की वजह है चाइनिज मांझा और बढ़ते मोबाइल टावरो की जरूरत इंसान ने आज अपने सुख के लिए इनसे इनके घर छीन लिए है जिस कारण आज यह बेसहारा है ना रहने का पता ना खाने का और इस बीच इनके लिए मुसीबत बनकर आई बसंत ! चारो और आसमान पतंगो से भरा हुआ है जिस कारण यह किसी ना किसी पतंग के मांझे में फसकर घायल हो रहे है जिस कारन कई पक्षियों की मोत हो जाती है पक्षी तो पक्षी इंसान के लिए भी यह मांझा खतरनाक जिस कारन इसपर बैन है लेकिन फिर भी इसका इस्तेमल किया जा रहा है !

वही इसी बीच एक ऐसी संस्था है जो इन बेजुबान पक्षियों के लिए किसी दवाखाने से कम नही है जहा इन्हें दवाई के साथ साथ खाने के लिए भी दाना मिलता है जी हां रावर रोड के पास बनी जीवो मंगलम संस्था की साध्विया इनका ध्यान रखती है इस दवाखाने में घायल पक्षियों की अच्छे से देखबाल की जाती है वो भी केवल मानवता के नाते क्यूंकि इंसान का दर्द समझने वाले सब है लेकिन बेजुबान पक्षी का दर्द कोई नही समझता ! पिछले कई सालो से यह पक्षियों को बचाने में लगे हुए है आज भी काफी संख्या में घायल पक्षी इनके पास आए जो मांझे में उलझे हुए थे जिनके पंख कटे हुए थे तो किसी की गर्दन के पास कट था जिनका इन्होने ईलाज किया कुछ की हालत बेहद खराब भी है !

संस्था की देखभाल करने वाली साध्वी का कहना है की आज इंसान ने अपने सुख के लिए सब कुछ बदल दिया पेड़ काटे दिए है जिनसे बेजुबानो का आशियाना इनसे छीन गए है कुछ पेड़ बचे है तो वहा यह बैठ नही सकते क्यूंकि बढ़ते मोबाइल टावर के कारन इन पक्षियों को परेशानियो का सामना करना पड रहा है ! कई प्रकार की बीमारियों के प्रकोप में यह आ रहे है इसमें एक बीमारी तो कैंसर की है इंसानों को तो होता ही है कैंसर लेकिन पक्षियों को भी होता है इनके उड़ने की शमता पर असर पड़ता है जिस कारण यह बेजुबान मजबूर है बटकने को हमारा यहा इन्हें पूरी सुविधा दी जाती है पक्षी खुद ब खुद ठीक होकर चले जाते है और जब घायल होते है खूद ब खुद यहा आ जाते है लोगो को इनके बारे में भी सोचना चाहिए क्यूंकि जीवन तो इनका भी है !