Home CHANDIGARH जींद में इनेलों के लिए ओपी चौटाला हो सकते हैं मसीहा

जींद में इनेलों के लिए ओपी चौटाला हो सकते हैं मसीहा

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चंडीगढ,20जनवरी। हरियाणा की जींद विधानसभा सीट के लिए आगामी 28 जनवरी को होने वाला उपचुनाव असल में धारणा की लडाई है। यह उपचुनाव जीतने वाली पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में स्वयं को सत्ता के दावेदार के रूप में पेश करेगी। विधानसभा क्षेत्र में अब तक उभरी तस्वीर के अनुसार त्रिकोणीय मुकाबला बना हुआ है। भाजपा कों नई उभरी पार्टी जननायक जनता पार्टी टक्कर दे रही है और कांग्रेस भी अपने को लडाई में बनाए रखने के लिए जूझ रही है। ऐसे में मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल पीछे दिखाई दे रहा है। अब इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट््ीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला इंडियन नेशनल लोकदल के लिए मसीहा साबित हो सकते है।

चुनाव मैदान में चर्चा है कि ओपी चौटाला पेरोल पर आकर इंडियन नेशनल लोकदल के पक्ष में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे और जननायक जनता पार्टी की ओर खिसकते जाटलैंड के समर्थन को वापस इंडियन नेशनल लोकदल की ओर मोडेंगे। चौटाला मुकाबले से बाहर होते इंडियन नेशनल लोकदल की वापसी करेंगे।

चुनाव मैदान में तीन प्रमुख जाट प्रत्याशी है। जननायक जनता पार्टी समर्थित दिग्विजय चौटाला तो कांग्रेस से रणदीप सुरजेवाला एवं इनेलो के उम्मेद रेढू जाट प्रत्याशी है। इनमें जाट वोटों का बडा हिस्सा दिग्विजय सिंह चौटाला की ओर झुकता दिखाई दे रहा है। चुनाव क्षेत्र में जाटों की संख्या करीब 70 हजार है। कुल मतदाताओं में यह 28 फीसदी है। सत्तारूढ भाजपा प्रत्याशी कृष्ण मिढा जाट वोटों के इस बटवारे से सामान्य वर्ग के बाकी करीब एक लाख मतदाताओं में अपना मजबूत समर्थन दिखा रहे है। लेकिन भाजपा की दावेदारी को कई अंदरूनी कारण कमजोर कर रहे है। मसलन जींद उपचुनाव के लिए टिकट के दावेदार मजबूत जाट नेता टेकराम कंडेला और सुरेन्द्र बरवाला टिकट न मिलने पर विरोध जाहिर करने के बाद वापस भाजपा के पक्ष में प्रचार करने के लिए लौटे हैं लेकिन उनकी दिलचस्पी कम दिखाई दे रही है। कुरूक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी द्वारा स्थापित की गई लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के प्रत्याशी विनोद आसरी ब्राह््मण होने के कारण ब्राह््मण और सैनी मतदाताओं में भाजपा के हिस्सें में बटवारा कर रहे है। अग्रवाल समुदाय की टिकट न मिलने से पैदा हुई नाराजगी भी दूर करने के प्रयास किए जा रहे है।


कांग्रेस के कैथल से विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी एवं कांग्रेस की कोर कमेटी के सदस्य रणदीप सुरजेवाला कांग्रेस के एकजुट होने के बावजूद प्रभाव नहीं बढा पा रहें। निर्दलीय विधायक जयप्रकाश ने सुरजेवाला को समर्थन तो दिया है लेकिन उससे कोई खास प्रभाव नहीं पडा। हरियाणा में गुटों में बंटी कांग्रेस ने जींद उपचुनाव जीतने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर एकजुटता तो दिखाई है लेकिन वह जातीय समीकरणों को ज्यादा नहीं बदल पा रही। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा भी सुरजेवाला के पक्ष में प्रचार के लिए पहुंचे हैं लेकिन सुरजेवाला त्रिकोणीय मुकाबले में बढत बनाते नहीं दिखाई दे रहे है।

कांग्रेस के समर्थन में प्रचार कर रहे जाट नेता हवा सिंह सांगवान और पूर्व निर्दलीय विधायक सुखवीर सिंह फरमाना के पंजाबी समुदाय को पाकिस्तानी कहने से पैदा हुई नाराजगी को दूर करने के लिए कांग्रेस ने रोहतक के पूर्व पंजाबी कांग्रेस विधायक भारत भूषण बत्रा को क्षेत्र लगाया है।