Home BREAKING पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत चारों...

पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत चारों दोषियों को उम्रकैद

15
0

चंडीगढ,17जनवरी। हरियाणा के सिरसा निवासी पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत ने गुरूवार शाम करीब छह बजे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर पचास-पचास हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस सजा के अलावा तीन-तीन साल के कारावास की सजा भी सुनाई गई है। इससे पहले पिछली 11 जनवरी को सीबीआई अदालत ने चारों को हत्या के लिए दोषी करार दिया था।

रामचन्द्र छत्रपति हत्याकांड में सीबीआई अदालत ने गुरमीत राम रहीम,डेरा मेनेजर निर्मल सिंह,कुलदीप सिंह और कृष्णलाल को दोषी करार दिया थां। सिरसा निवासी पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति ने वर्ष 2000 में समाचारपत्र पूरा सच का प्रकाशन शुरू किया था। इसके बाद वर्ष 2002 में एक गुमनाम पत्र में डेरा सच्चा सौदा में साध्वियों के साथ बलात्कार किए जाने का विवरण भेजे जाने पर रामचन्द्र छत्रपति ने अपने समाचारपत्र में यह समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हुई थीं। अक्टूबर 2002 में मोटरसाईकिल सवार दो लोगों ने घर के बाहर रामचन्द्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी लेकिन जांच से असंतुष्ट परिजनों की याचिका पर हाईेकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

गुरमीत राम रहीम वर्ष 2017 में दो साध्वियों के साथ बलात्कार के मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद कुल बीस साल के कारावास के तहत रोहतक की सुनारिया जेल में बन्द है। सजा सुनाए जाने के लिए गुरमीत को वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल किया गया। सजा पर बहस के दौरान सीबीआई के वकील ने गुरमीत राम रहीम समेत चारों दोषियों को सख्त सजा देने की अपील की । रामचन्द्र छत्रपति हत्याकांड में भी सजा उसी सीबीआई अदालत व जज द्वारा सुनाई गई जिसने साध्वी बलात्कार मामले में सजा सुनाई थी।

गुरमीत राम रहीम को दोषी ठहराए जाने और बाद में सजा सुनाए जाने के दौरान पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत,रोहतक स्थित सुनारिया जेल,अम्बाला जेल और डेरा मुख्यालय सिरसा में कडे सुरक्षा बन्दोबस्त किए गए थे। रामचन्द्र हत्याकांड में सीबीआई ने वर्ष 2007 में अदालत में आरोपपत्र दायर किया था।