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फसल के अवशेष जलाने को किसान मजबूर

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अम्बाला, 12 अक्टूबर(राजकुमार शर्मा): किसानों को धान की फसल के अवशेष जलाने से रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं वहीं ऐसा करने वाले किसानों पर जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। किसानों का मानना है कि सरकार ने निजी एजेंसियों के जरिये 500 रुपए प्रति किविंटल पराली खरीदने की बात कही थी लेकिन न ही पराली की खरीद की ओर ना ही इसके लिए कोई और विकल्प दिया है। बेचारा किसान मजबूरन पराली जलाने पर उतारू है चाहे सरकार उसके खिलाफ मामले ही क्यों न दर्ज करवाये। दूसरी ओर अतिरिक्त उपायुक्त ने किसानों को ऐसा करने पर पर्यावरण दूषित होने का खतरा पैदा होने की बात भी कहते किसानों को इसके निस्तारण के लिए मशीनें लाने का दावा भी किया है।

किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग के पसीने छूटने लगे हैं लेकिन और कोई विकल्प ना मिलने पर किसान पराली जलाने पर मजबूर हैं हालांकि सरकार इसके निरस्तीकरण के लिए किसानों को मशीनें देने की बात कह रही है और साथ ही 500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से पराली को खरीदने तक की बात कह रही है।

वहीं किसानों का कहना है कि सरकार ने निजी एजेंसियों के जरिये 500 रुपए प्रति किविंटल पराली खरीदने की बात तो कही थी लेकिन न ही पराली की खरीद की ओर ना ही पराली के निरस्तीकरण के लिए कोई मशीनें ही उन्हें दी गई है। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से कोई भी इंतजाम ना किए जाने पर किसान पराली जलाने पर मजबूर है लिहाजा सरकार किसानों के खिलाफ केस दर्ज करने की बात कह रही है लेकिन किसानों के पास पराली जलाने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। किसानों का कहना है कि किसान तो पहले ही मरा हुआ है सरकार जो कड़े कदम उठाना चाहती है उठा सकती है।

किसानों की पराली जलाने की समस्या को लेकर इनेलो नेता हरपाल सिंह ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कि वह किसान परिवार से संबंधित है और भाजपा सरकार किसान और कमेरा विरोधी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने किसानों और लोगों से लुभावने वादे करके वोट तो ले लिए हैं लेकिन कोई वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ₹500 क्विंटल पराली खरीदने की बात कही थी, लेकिन सरकार द्वारा अपने वायदे पर खरा ना उतरने के कारण किसान पराली जलाने पर मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जमींदारों की भी अपनी मजबूरियां होती है ओर वायदा पूरा न होने पर उन्हें पराली जलानी पड़ रही है।

वहीं किसानों की इस समस्या को लेकर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि किसान कहीं भी पराली नहीं जला रहे हैं । इसके लिए जगह-जगह इलाका मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगा दी गई है और अवशेष ना जलाने को लेकर किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि सरकार यह भी पूरी कोशिश कर रही है कि आखिर इसका स्थाई समाधान क्या निकाला जाए?

बता दें राज्य सरकार और केंद्र सरकार से किसानों की मांग है कि इस समस्या का जल्द कोई समाधान निकालें नहीं तो मजबूरन किसानों को पराली जलानी पड़ेगी चाहे फिर सरकार किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई ही क्यों न करें।