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दादा के सम्मान पर चोट सहन नहीं, उसूलों के लिए टकराव भी मंजूर – दुष्यंत

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जींद (रोहताश भोला) । जींद, चौटाला परिवार में चाचा और भतीजे के बीच शुरू हुई राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में सांसद दुष्यंत चौटाला ने सोमवार को जींद में अपनी भावी राजनीति को शीशे की तरह साफ कर दिया। दुष्यंत चौटाला ने अपनों के बीच कहा कि वह सरैंडर नहीं करेंगे। अन्याय के खिलाफ अधिकार की जंग लड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो जींद से ही वह दूसरा न्याय युद्ध शुरू करेंगे। दादा के सम्मान पर वह चोट नहीं आने देंगे लेकिन बात उसूलों पर आई तो खुद अपने दादा ओपी चौटाला की बात को रखते हुए इसके लिए टकराव भी उन्हें मंजूर होगा।

सोमवार को सांसद दुष्यंत चौटाला जींद के इनैलो कार्यालय पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले हजारों लोगों की उत्साही भीड़ इनैलो कार्यालय पहुंच चुकी थी। कार्यालय परिसर में इतने लोग समा ही नहीं सकते थे। लिहाजा कार्यालय के सामने के पार्क में उनकी सभा हुई। यह एक अच्छी-खासी जनसभा में बदल गई। समर्थकों ने दुष्यंत चौटाला पर फूल बरसाए और उन्हें सीएम कहकर पुकारा। बात जब दुष्यंत चौटाला के बोलने की आई तो चाचा अभय चौटाला पर सीधा हमला बोलने की बजाय उन्होंने कहा कि पार्टी की तरफ से उन्हें जो कारण बताओ नोटिस दिया गया, उसमें उन पर आरोप संगठन को तोडऩे वाली गतिविधियों में शामिल होने का लगाया गया। हकीकत यह है कि संगठन को वह नहीं बल्कि कुछ लोग तोडऩे का काम कर रहे हैं। नोटिस का जवाब उन्होंने दे दिया है। कमेटी जांच में बुलाएगी तो उसके सामने पक्ष रख देंगे।

दुष्यंत ने कहा कि उन्होंने चौधरी देवीलाल से संघर्ष करना, डा. अजय चौटाला से पैदल चलना और दादा ओपी चौटाला से काम करना सीखा है। यही उनकी राजनीति का रास्ता होगा। अपने दादा ओपी चौटाला से यह सीखा है कि बात जब उसूलों पर आए तो जरूर टकरा जाना चाहिए। वह उसूलों की खातिर किसी भी तरह के टकराव के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जींद की धरती ने सदा उन्हें और उनके परिवार को सम्मान दिया है।

जींद से चौधरी देवीलाल ने 1986 में न्याय युद्ध शुरू किया था। अब जरूरत पड़ी तो वह भी जींद से ही अधिकारों को हासिल करने और अन्याय के खिलाफ इंसाफ पाने के लिए दूसरा न्याय युद्ध शुरू करेंगे। अपने पिता डा. अजय चौटाला से बात कर वह अपने समर्थकों के फैसले पर मोहर लगवाने का काम करेंगे। दादा ओपी चौटाला का मान रखते हुए दुष्यंत चौटाला ने समर्थकों से कहा कि कोई भी उनके दादा के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलेगा। दादा के कंधे वह कमजोर नहीं बल्कि मजबूत करेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों की नब्ज पहचानते हुए कहा कि समर्थकों की उम्मीद और हौसले को वह टूटने नहीं देंगे। गोहाना रैली में नारों को लेकर पार्टी के अनुशासन की कार्रवाई झेल रहे दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सुनामी आती है तो दोष किसी एक बूंद को नहीं दिया जा सकता। जींद के लोग जानते हैं कि इस सुनामी की जड़ कौन है।

दुष्यंत का टारगेट 18 से 40 साल के वोटर, साथ ही दादा के समर्थकों को भी साधने से नहीं चूके

सांसद दुष्यंत चौटाला का टारगेट प्रदेश के 18 से 40 साल तक की उम्र के वोटर हैं। सोमवार को दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में इस उम्र के वोटर 60 प्रतिशत हैं। इन्हें रोजगार हमारा अधिकार के नारे के साथ सड़कों पर उतारकर हक की लड़ाई लड़ी जाएगी। लगभग 35 मिनट के अपने भाषण में दुष्यंत चौटाला ने 6 बार दादा ओपी चौटाला का नाम लिया और हर बार उनका सम्मान बनाए रखने और उसे बढ़ाने की बात कहकर दादा ओपी चौटाला के समर्थकों को भी साधने का कोई मौका नहीं छोड़ा। वह जानते हैं कि प्रदेश का युवा पूरी तरह उनके साथ है। इसमें वह दादा ओपी चौटाला के खिलाफ एक भी शब्द से होने वाले नुक्सान को समझते हैं। यही वजह है कि उन्होंने हर बार दादा ओपी चौटाला का नाम पूरे आदर से लिया और समर्थकों से भी यही उम्मीद जताई और निर्देश दिए।