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नई पार्टी जननायक जनता पार्टी ने ओपी चौटाला के नाम से मांगे वोट – आरएस चौधरी

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चंडीगढ,2फरवरी। हरियाणा की जींद विधानसभा सीट के उपचुनाव के नतीजे में अपने प्रत्याशी की करारी हार को मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल ने स्वाभाविक हार मानने से इनकार कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरएस चौधरी ने शनिवार को यहां कहा कि पार्टी प्रत्याशी उम्मेद सिंह रेढू को इतने कम वोट मिलने का मतलब है कि चुनाव में हेराफेरी की गई। इस हेराफेरी में खास राजनीतिक रूझान रखने वाले अफसरों पर संदेह है और कांग्रेस व नई पार्टी जननायक जनता पार्टी ने इसको अंजाम दिलाया है।

चौधरी ने कहा कि पार्टी जल्दी ही इस गडबडी को लेकर कोई कदम उठाने के बारे में फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि जींद विधानसभा उपचुनाव में यदि पार्टी का कोई नेता प्रचार के लिए भी नहीं जाता तो भी इस तरह की करारी हार नहीं होती। साफ ही है कि किसी साजिश के तहत पार्टी प्रत्याशी को हराया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने प्रत्याशी को जिताकर प्रदेश में सत्ता के दावेदार के रूप में सामने आना चाहती थी और इसलिए इनेलो को पीछे धकेलने के लिए यह साजिश रची गई। कांग्रेस के अलावा जननायक जनता पार्टी की ओर भी संदेह होता है।

उन्होंने कहा कि फिर भी मात्र एक सीट के उपचुनाव में पार्टी की हार से आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी की संभावनाओं पर कोई फर्क नहीं पडेगा। चौधरी ने कहा कि इस तरह की स्थितियां पहले भी पैदा हुई हैं और आगे पार्टी इनसे उबरते हुए फिर मजबूत हुई है। वर्ष 1991 में तो पार्टी को मात्र 16 सीटें मिली थीं और राजस्थान व अन्य प्रांतों में भी हार का सामना करना पडा था। इस हार के बाद एक बडी रैली की गई और पार्टी ने फिर अपना प्रभाव प्रदर्शित किया।

चौधरी ने कहा कि जींद विधानसभा उपचुनाव में जननायक जनता पार्टी ने चौधरी देवीलाल नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो के राष्ट््ीय अध्यक्ष ओपी चौटाला के नाम पर वोट मांगे थे। यह तो समझ में आता है कि ओपी चौटाला ने चौधरी देवीलाल की विरासत संभाली थी लेकिन अब विरासत ओपी चौटाला की है। उन्होंने कहा कि जननायक जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच संभावित गठजोड का हरियाणा की राजनीति पर कोई असर नहीं पडने वाला। हरियाणा में आम आदमी पार्टी का कोई प्रभाव नहीं है। प्रदेश की बदली राजनीतिक स्थिति के अनुसार रणनीति तय करने के लिए जल्दी ही पार्टी के नेता बैठक आयोजित कर मंथन करेंगे।