Home BREAKING सिख धार्मिक मामलों में भाजपा और संघ के दखल पर विचार के...

सिख धार्मिक मामलों में भाजपा और संघ के दखल पर विचार के लिए अकाली दल कोर कमेटी की बैठक

17
0

चंडीगढ,2 फरवरी। सिख धार्मिक मामलों में भाजपा और संघ के दखल से खफा अकाली दल ने इस मुद्दे पर विचार के लिए रविवार को यहां पार्टी की कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। इस बैठक में दोनों के बीच वर्षों से चला आ रहा गठबंधन तोडने का फैसला भी किया जा सकता है।

सूत्रों का कहना है कि भाजपा इस मामले में पीछे हटने अथवा अकाली नेताओं को हल के लिए आमंत्रित करने को तैयार नहीं दिखाई देती है। ऐसे में दोनों दलों का वर्षों पुराना गठबंधन टूट सकता है। अकाली दल ने सिख धार्मिक मामलों में दखल पर भाजपा के खिलाफ कडा रूख अपनाया है। अकाली दल की नाराजगी के कारणों में महाराष्ट्् की भाजपा सरकार द्वारा तख्त श्री हजूर अबचल नगर साहिब बोर्ड नांदेड एक्ट 1956 की धारा 11 में संशोधन,अकाली दल को विश्वास में लिए बगैर असंतुष्ट पार्टी सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा को पदम भूषण देना और तख्त पटना साहिब अध्यक्ष पद पर राष्ट्रीय सिख संगत के प्रतिनिधि को नियुक्त करना शामिल है। अकाली दल नेतृत्व उसके क्षेत्र में दखल के भाजपा के प्रयास से नाराज है।

अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ दलजीत सिंह चीमा के अनुसार सिख धार्मिक मामलों में भाजपा के दखल के प्रयास से पार्टी में गहरी चिंता है। इसके बडे गंभीर नतीजे होंगे। राष्ट्रीय सिख संगत के जरिए धार्मिक संस्थानों पर कब्जा करने के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रयास को अकाली दल और सिख समुदाय बर्दाश्त नहीं करेगा। पार्टी ने लोकसभा चुनाव से पहले अपना रोष प्रकट करने के लिए एनडीए की बैठक में शामिल न होने का फैसला किया था। साथ ही एक रणनीति के तहत मनजिंदर सिंह सिरसा ने रोष व्यक्त किया।