Home CHANDIGARH हरियाणा सरकार का दो मंदिरों के अधिग्रहण का फैसला

हरियाणा सरकार का दो मंदिरों के अधिग्रहण का फैसला

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चंडीगढ,22नवम्बर। हरियाणा सरकार ने बुधवार को प्रदेश के दो प्रमुख मंदिरों के अधिग्रहण का फैसला कर लिया। इनमें से एक पंचकूला जिले के  चंडीमंदिर स्थित श्रीमाता चंडीदेवी मंदिर है। इसी मंदिर के नाम पर चंडीगढ बसाया गया था। दूसरा मंदिर हिसार जिले के भन्भोरी स्थित श्री दुर्गामाता मंदिर है। दोनों मंदिर प्राचीन और ऐतिहासिक है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में बुधवार को यहां आयोजित केबिनेट बैठक में इन दोनों मंदिरों के प्रबन्धन को सरकार के नियंत्रण में लेने का फैसला किया गया। आजादी के बाद जब चंडीगढ बसाने का फैसला किया गया था तो इसका नामकरण श्री माता चंडीदेवी के नाम पर किया गया था।
पंचकूला में ही स्थित श्रीमाता मनसादेवी मंदिर अधिनियम 1991 के तहत ही इन दोनों मंदिरों का भी प्रबन्धन किया जाएगा। मंदिर प्रबन्ध को लेकर अनेक शिकायतें मिलने पर राज्य सरकार ने नियंत्रण अपने हाथ में लेने का फैसला किया। अभी तक मंदिर का प्रबन्धन पुजारियों के समूह के हाथ में है। पूर्व पुजारी ने पुजारी सूरत गिरी व उनके उत्तराधिकारियों के लिए वसीयत की थी। इस वसीयत के आधार पर पुजारियों का समूह मंदिर का संचालन कर रहा था। सरकार के संज्ञान में यह बात आई थी कि श्रीमाता चंडीदेवी मंदिर में चढावा बहुत आता है लेकिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने व मंदिर के रखरखाव पर बहुत कम खर्च किया जा रहा है। शिकायतों के आधार पर एक एफआईआर भी दर्ज की गई थी। सरकार के निर्देशों की अवहेलना कर मंदिर परिसर के पेड काटे जा रहे थे और उन्हें बगैर अनुमति बेचा भी जा रहा था। वर्ष 1936-37 की जमाबंदी के अनुसार मंदिर की जमीन चंडीमंदिर पंचायत की है और पंचायत ने मंदिर को दी थी। मंदिर को पांडव काल का बताया जाता है।
हिसार जिले के भन्भोरी स्थित दुर्गा माता मंदिर भी अभी तक एक पुजारी परिवार के नियंत्रण में था। मंदिर के कुप्रबंधन और कानून-व्यवस्था की समस्याएं सामने आ रही थीं। मंदिर की सालाना आय 14 से 15 करोड रूपए तक आंकी गई है। अभी तक यह आय पुजारी परिवार को ही जा रही थी।