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जिला में फैले स्मॉग के चलते स्कूलों के समय में किया गया फेरबदल

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फतेहाबाद, 6 नवंबर। जिला में फैले स्मॉग के चलते प्रशासन ने स्कूलों के समय में फेरबदल करने के आदेश जारी किए है। सभी स्कूल अब सुबह 8 बजे के स्थान पर एक घंटा देरी से 9 बजे खुलेंगे और 3:30 बजे छुट्टी होगी। जिला प्रशासन के ये आदेश निजी स्कूलों पर भी लागू रहेंगे। उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि यह आदेश अगले एक सप्ताह तक लागू रहेंगे।

स्मॉग की स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त एवं जिलाधीश डॉ. हरदीप सिंह ने पराली जलाने पर चालान करने के लिए जिला में गठित की गई पटवारी, ग्राम सचिव तथा कृषि विकास अधिकारियों की विभिन्न कमेटियों को धारा 144 के उल्लंघन का नोटिस भी जारी किया है। नोटिस जारी करते हुए उन्होंने कहा कि जिला में पराली जलाने की जितनी घटनाएं हुई, उतनी संख्या में न ही तो चालान किए गए और न ही जिला प्रशासन को इस घटनाओं की रिपोर्टिंग की गई, इसलिए इसे एक बड़ी लापरवाही मानते हुए विभिन्न कमेटियों को धारा 144 का उल्लंघन नोटिस दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे सभी किसानों की पहचान करने को भी कहा है, जिन्होंने अपने खेतों में पराली को आग लगाई ताकि ऐसे सभी किसानों को भी धारा 144 के उल्लंघन का नोटिस दिया जा सके।
जिला में फैले स्मॉग को लेकर बुलाई गई बैठक में समीक्षा करते हुए जिलाधीश डॉ. हरदीप सिंह ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्य प्रणाली से नाखुशी जताते हुए कहा कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई है और उन्हें आंखों में जलन महसूस हो रही है। इसके अतिरिक्त स्मॉग के चलते मार्गों पर दृश्यता कम होने के कारण सडक़ दुर्घटनाएं भी एकाएक बढ़ी है। उन्होंने पराली जलाने वाले किसानों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पराली जलाने से बनने वाला स्मॉग लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है। फिलहाल जो स्मॉग की स्थिति बनी हुई है उसकी जिम्मेवारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पराली जलाने वालों की ही बनती है।

उपायुक्त ने अधिकारियों व कर्मचारियों को स्मॉग के प्रभाव को एक सप्ताह के भीतर नियंत्रित करने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि यह मसला सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. बलवंत सहारण को निर्देश दिए कि वे मुख्यालय से तालमेल स्थापित कर जिला में अतिरिक्त कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की मंजूरी लें और अभी तक स्वीकृत किए गए कस्टम हायरिंग सेंटर के आवेदकों को अविलंब ऋण उपलब्ध करवाए। जिला में अभी तक 4 कस्टम हायरिंग सेंटर मंजूर किए गए है।