Home BREAKING सिद्धू ने बयान को आतंकवाद से लडाई की ओर मोड दिया

सिद्धू ने बयान को आतंकवाद से लडाई की ओर मोड दिया

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चंडीगढ,18फरवरी। पुलवामा हमले को लेकर पंजाब के केबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू द्वारा पाकिस्तान सरकार का बचाव करने वाले बयान के विरोध में अकाली-भाजपा गठबंधन ने सोमवार को विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाने का प्रयास किया लेकिन स्पीकर के इजाजत न देने पर गठबंधन के सदस्यों ने वित्त मंत्री द्वारा बजट प्रस्ताव पढे जाने के दौरान जमकर नारेबाजी की। स्पीकर ने इन सदस्यों को शून्यकाल रद््द किए जाने की दलील देते हुए अपने आसन पर बैठने को कहा लेकिन वैल में खडे ये सदस्य माने नहीं। स्पीकर ने इस पर इन सदस्यों को बाहर निकालने को कहा। बाद में सभी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।

स्पीकर के बाहर निकालने की व्यवस्था से पहले गठबंधन के सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। इन सदस्यों का नेतृत्व अकाली दल विधायक दल के नेता सुखवीर बादल की गैर मौजूदगी में विक्रम मजीठिया ने किया। गठबंधन सदस्यों ने पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल जावेद कमर बाजवा के साथ खींचे गए सिद्धू के फोटो भी लहराए। नारेबाजी के दौरान सिद्धू और मजीठिया के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई। सिद्धू ने अपने आसन पर खडे होकर मजीठिया को कहा तू चोर और डाकू है। तू चिट््टा बेचने वाला है। सिद्धू की इन टिप्पणियों से भी मजीठिया का रूख नहीं बदला। इस पर स्पीकर ने कहा कि सदस्य नारेबाजी बंद कर आसन पर चले जाएं वरना वे बाहर निकाल देंगे। सदस्य नहीं माने तो स्पीकर ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों को बाहर निकालने का आदेश दिया। इसके बाद सभी सदस्य नारेबाजी करते बाहर चले गए। स्पीकर ने भी सदन की कार्यवाही करीब 18 मिनट दोपहर एक बजे तक स्थगित कर दी।

गठबंधन सदस्यों के बाहर चले जाने के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मजीठिया के खिलाफ ड््ग मामले में कार्रवाई की मांग उठा दी। केबिनेट मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि हमारी सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती। कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह से मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे हैं और मुख्यमंत्री सबूत न होने की बात करते रहे है।

मजीठिया ने पत्रकारों को बताया कि स्पीकर ने उन्हें प्रशनकाल के बाद सिद्धू के बयान पर बोलने का आश्वासन दिया था। लेकिन एक ओर तो कांग्रेस सदस्य को पुलवामा हमले की निंदा के लिए प्रस्ताव लाने दिया गया और सदन ने सर्वसम्मति से इसे पारित भी किया लेकिन गठबंधन के सदस्यों को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। सिद्धू ने पुलवामा हमले पर अपने बयान से पाकिस्तान सरकार को क्लीन चिट दी है। इसके खिलाफ सदन में हमें अपना रूख पेश करने की अनुमति मिलना चाहिए। सदन के अलावा विरोध व्यक्त करने का और कोई उपयुक्त स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल जावेद कमर बाजवा को सजा दी जाएगी और दूसरी ओर पाकिस्तान को हमले के लिए क्लीन चिट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और स्पीकर का यह दोहरा व्यवहार है।