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सामाजिक न्याय विभाग से ताजा तबादले पर कहा अन्याय का लगातार विरोध करेंगे – खेमका

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 व्हिसल ब्लोअर बनने की चाह में 30 साल की सेवा में हरियाणा के आईएएस अशोक खेमका के 45 तबादले

चंडीगढ,13नवम्बर। हरियाणा कैडर के आईएएस अशोक खेमका का रविवार को किया गया ताजा तबादला इस अधिकारी को फिर चर्चा में ले आया है। खेमका की करीब 26 साल की सेवा में यह 51 वां तबादला माना जा रहा है। तबादले के बाद उन्होने अपने ट्वीट में कहा है कि निहित स्वार्थों के कारण उनका तबादला किया गया और इससे सामाजिक न्याय विभाग में उनके द्वारा तय कामकाज प्रभावित होने वाला है। इस ट्वीट के पीछे उनके आशय के सवाल पर वे कहते हैं कि अन्याय का हमेशा विरोध किया जाएगा। निराशा तो अल्प समय के लिए आती है और फिर हौसला पैदा होता है।
  हरियाणा में भाजपा की सरकार के तीन साल के कार्यकाल में खेमका का यह तीसरा तबादला है। प्रदेश में भाजपा की सरकार अक्टूबर 2014 में सत्तारूढ हुई थी। भाजपा सरकार ने जनवरी 2016 में खेमका को प्रधान सचिव के पद पर पदोन्नति दी थी। इसके बाद अप्रेल में उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में प्रधान सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था। खेमका अक्टूबर 2012 में तब राष्ट्ीय स्तर पर चर्चा में आए थे जबकि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्ा और रीयल एस्टेट कम्पनी डीएलएफ के बीच 58 करोड की भूमि के सौदे में इन्तेकाल रद््द कर दिया था। उस समय हरियाणा में कांग्रेस सरकार थी। पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा खेमका को इसके बाद कम महत्व के विभाग में नियुक्त किया गया।

खेमका को भाजपा सरकार ने दिए हैं पुरस्कार,पदोन्नति दी और गेलवेल्यूम घोटाले के आरोप से मुक्ति दिलाई

भाजपा सरकार के दौरान खेमका को पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा दिए गए वनवास से मुक्ति मिली थी। भाजपा सरकार ने खेमका को परिवहन विभाग में नियुक्ति दी थी लेकिन इस विभाग में नियमों के हवाले से खेमका राज्य सरकार के राजनीतिक फैसलों में आडे आए तो पुनः उन्हें कम महत्व के संग्रहालय व पुरातत्व विभाग में भेज दिया गया। यह सिलसिला तब समापत हुआ जबकि खेमका को पदोन्नति देकर विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग में प्रधान सचिव के पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग में प्रधान सचिव के पद पर रहते मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ उनकी पटरी नहीं बैठी। मंत्री की इच्छा पर खेमका का तबादला खेल विभाग में कर दिया गया। खेमका ने अपने ट््वीट में भी कहा था कि उन्हें इस तबादले का आभास था। बहरहाल सामाजिक न्याय विभाग में ऐसा कोई बडा मुद्दा नहीं था जिसके चलते मंत्री के साथ उनकी पटरी नहीं बैठ रही थी।
 बहरहाल खेल मंत्री अनिल विज ने अपने विभाग में खेमका का स्वागत करते हुए कहा है कि उन्हें विवादित नहीं कहा जा सकता। खेमका एक ईमानदार अफसर है। हालांकि उनके तबादले के मामले में विज ने कहा कि यह उनका विशेषाधिकार है। भाजपा की मौजूदा सरकार ने खेमका को पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई कार्रवाई से भी बचाया है। पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा खेमका की वेयर हाउस कार्पोरेशन में नियुक्ति के दौरान गेलवेल्यूम शीट की खरीद के मामले में शुरू की गई कार्रवाई पर मौजूदा सरकार ने विधानसभा की जनलेखा समिति के जरिए विराम लगा दिया था। जनलेखा समिति की कार्रवाई को समाचार माध्यमों को लीक किए जाने पर कांग्रेस ने कडी आपत्ति उठाई थी और समिति के अध्यक्ष के खिलाफ कांग्रेस सदस्य रघुवीर कादियान ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया था।