Home CHANDIGARH मनोहर सरकार इस्तीफा देकर नए चुनाव करवाए-भूपेन्द्र हुड्डा

मनोहर सरकार इस्तीफा देकर नए चुनाव करवाए-भूपेन्द्र हुड्डा

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चंडीगढ,26अक्टूबर। हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने गुरूवार 26 अक्टूबर को जहां तीन साल पूरे कर अपने बाकी दो साल के सफर में प्रति माह एक सुधार लागू करने का ऐलान करते हुए विकास की गति तेज करने का वायदा किया वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने सरकार पर हमले तेज करते हुए कहा कि इस सरकार को इस्तीफा देकर नया जनादेश लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा हरियाणा इस सरकार से इस्तीफा मांग रहा है।

उन्होंने कहा कि इस सरकार के रहते तो यह कहावत साबित होती है कि सरकार के तीन साल और हरियाणा बेहाल । ऐसी सरकार पहले कभी न देखी ओर सुनी गई थी। इस सरकार ने तीन बार राजनीतिक षडयंत्र के तहत हरियाणा को जलवाया। हुड्डा का इशारा हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल की हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार गिरफ्तारी के लिए की गई पुलिस कार्रवाई,जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में 32 युवाओं की मोत और पिछले 25अगस्त को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में भडकी हिंसा के दोरान पुलिस फायरिंग में लोगों की मौत की ओर था।

 

हुड्डा ने कहा कि पंचकूला हिंसा की जांच हाईकोर्ट के मौजूदा जज से करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के पीछे जो साजिश थी उसका खुलासा पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह के नेतृत्व वाली कमेटी की रिपोर्ट में किया गया है।

हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में किसान,मजदूर और व्यापारी हाहाकार कर रहे है। अकेले फरीदाबाद शहर में जीएसटी से एक लाख लोग बेरोजगार हो गए। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने तीन साल में मात्र 7886 नौकरियां दी है। इसका 17 नौकरियां देने का दावा अर्थहीन है क्योंकि इनका चयन पिछले सरकार के समय कर लिया गया था। इनकी जगह 50 हजार लोगों को बेरोजगार किया गया है। अभी 3500 जेबीटी टीचर्स को बेरोजगार करने की तैयारी है।

सरकार ने एक भी चुनावी वायदा पूरा नहीं किया। गन्ने पर जहां उत्पादन लागत प्रति क्विंटल 400 रूपए आती है वहां इस सरकार ने मात्र दस रूपए प्रति क्विंटल की बढोतरी करके इसे 330 रूपए प्रति क्विंटल किया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लूट योजना बनकर रह गई। निजी कम्पनियों ने 21000 करोड रूपए कमा लिए। सरकारी कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने का वायदा सरकार ने भुला दिया। यह अनुभवहीन सरकार ब्यूरोक्रेसी से काम नहीं ले पा रही है। सरकार ने कई घोटाले भी किए है।

एसवाईएल पर हरियाणा के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू कराने में भी विलम्ब किया जा रहा है। सरकार सिर्फ इवेन्ट मेनेजमेंट की सरकार बनकर रह गई है।