Home BREAKING मुंह पर पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे इंडियन नेशनल लोकदल के सदस्य

मुंह पर पट्टी बांधकर सदन में पहुंचे इंडियन नेशनल लोकदल के सदस्य

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स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष ने दी नोंक-झोंक के कारणों पर सफाई 
चंडीगढ,25अक्टूबर। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तीसरे दिन की बैठक में बुधवार को इंडियन नेशनल लोकदल के सदस्य मुंह पर पट्टी बांधकर पहुंचे। इन पट्टियों पर लिखा था कि बोलना मना है। सदन में प्रश्नकाल में होने वाली चर्चा में इन सदस्यों ने मौन साधे हुए भाग नहीं लिया तो मुख्यमंत्री,संसदीय कार्य मंत्री व स्वयं स्पीकर ने सदस्यों से चर्चा में भाग लेने की अपील की। नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चैटाला ने स्पीकर को वो कारण बताए जो कि उनके साथ नोंक-झोंक के कारण बने। साथ ही स्पीकर ने भी अपना पक्ष रखा। आखिर में इनेलो सदस्यों का मौन टूट गया।
    सदन में मंगलवार को स्पीकर कंवरपाल गुर्जर और नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला के बीच तब नोंक-झोंक हो गई थी जबकि तिगांव से कांग्रेस के विधायक ललित नागर फरीदाबाद के मामा नामक व्यक्ति द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी दिए जाने का मुद्दा सदन में उठा रहे थे। ललित नागर के बोलने के दौरान ही नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला अपनी सीट से उठ गए  और बोलना शुरू ही कर रहे थे कि स्पीकर ने उन्हें टोक दिया। स्पीकर ने कहा कि आप हर बात पर खडे हो जाते हो। यह नहीं चलेगा। चौटाला ने कहा कि वे सदन के सदस्य के समर्थन में खडे हुए हैं। सदस्य की सुरक्षा उनकी भी जिम्मेदारी है। इस बात पर स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष के साथ इनेलो के सदस्यों की नोंक-झोंक हो गई थी। इनेलो सदस्य उसी समय वाकआउट करने वाले थे लेकिन संसदीय कार्य मंत्री की समझाइश से सीटों पर लौट आए थे।
     सदन में मंगलवार की इस घटना की छाया बुधवार को तब दिखाई दी जबकि नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के नेतृत्व में इनेलो सदस्य मुंह पर पट्टियां बांधकर पहुंचे। अपनी सीटों पर वे मौन बैठ गए और प्रश्नकाल की चर्चा में भाग नहीं लिया। इनेलो सदस्यों के इस रूख पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि क्या बीमारी के कारण मुंह पर पट्टी बांधी है। संसदीय कार्य मंत्री रामविलास शर्मा ने कहा कि विरोध सांकेतिक होते हैं और सदस्य चर्चा में शामिल हों। इसी बीच कांग्रेस सदस्य गीता भुक्कल ने कहा कि रामविलास शर्मा ने गंभीरता से पट्टियां हटाने को नहीं कहा। योग का भी मजाक उडाया है। विपक्ष के नेता की आवाज इस तरह नहीं दबाई जाना चाहिए। इस पर कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी व अन्य कांग्रेस सदस्य भी इनेलो सदस्यों के प्रति समर्थन जताने के लिए खडे हो गए। इस पर स्पीकर ने कहा कि उन्होंने किसी की आवाज नहीं दबाई है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मैंने वर्ष 2014 में भी कहा था कि संसदीय परम्पराएं बनी रहें। मैं अपील करता हूं कि इनेलो सदस्य चर्चा में शामिल हों। उन्होंने कहा कि मंगलवार को हुई चर्चा का केन्द्र फरीदाबाद की स्थानीय राजनीति थी। स्पीकर को व्यवस्था देने का अधिकार है। मुझे यहां तक पता चला है कि तू-तू करके बात की गई। स्पीकर ने कहा कि पूरे सदन को पता है कि आंख कौन दिखाता है। अभय चैटाला सबसे ज्यादा खडे होते है। चैटाला ने भी कहा कि सदस्य को धमकी के मुद्दे पर खडा होना क्या गलत है। इस पर मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बोलना शुरू किया। उनकी और इनेलो सदस्यों की नोंक-झोंक हो गई। स्पीकर दोनों पक्षों को बैठाने में जुट गए।
इसके बाद चर्चा ललित नागर को मामा की धमकी के मुद्दे पर मुड गई। रामविलास शर्मा ने कहा कि विपक्ष के नेता नागर को धमकी के मुद्दे पर चिंतित थे। इस मामले में संज्ञान लिया गया है। बिना परमिट प्राइवेट बसें चलाए जाने के मुद्दे पर जांच करवाई गई है। इसी बीच परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि बसें कांग्रेस विधायक करण दलाल के भाई द्वारा चलाई जा रही है। स्पीकर ने कहा कि ललित नागर सबूत के साथ शपथपत्र दें तो जांच करवाई जायेगी। रामविलास शर्मा ने कहा कि पुलिस का कोई गनमैंन मामा की सुरक्षा में तैनात नहीं है। कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने कहा कि सदन की कमेटी से जांच करवाई जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा। इसी बीच भाजपा की एक महिला सदस्य ने कटाक्ष किया कि पप्पू के जीजा की जांच भी कमेटी का गठन कर करवाई जाए। जब मंत्री कृष्ण कुमार बेदी व इनेलो सदस्यों के बीच नोंक-झोंक से हंगामा बढ गया तो स्पीकर ने सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही जब पुनः शुरू हुई तो भी बीच-बीच में स्पीकर के सदन संचालन को लेकर टीका-टिप्पणियां होती रहीं। बाद में पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चैटाला ने कहा कि यह गलतफहमी के कारण हुआ वरना स्पीकर विपक्ष के सदस्यों को पर्याप्त समय देते है।