Home CHANDIGARH देशद्रोह के मुकदमे में तीन सिख युवकों को आजीवन कारावास सुनाने के...

देशद्रोह के मुकदमे में तीन सिख युवकों को आजीवन कारावास सुनाने के विरोध में सम्मेलन

13
0

चंडीगढ,6मार्च। पंजाब की नाभा जेल में बन्द तीन सिख युवकों को नवां शहर की अदालत द्वारा हाल में देशद्रोह के मुकदमे में आजीवन कारावास सुनाए जाने के विरोध में बुधवार को यहां सम्मेलन का आयोजन किया गया। भाकपा-माले की पहल पर आयोजित इस सम्मेलन में करीब दो दर्जन संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इन प्रतिनिधियों ने तीनों युवकों को इस सजा से मुक्ति दिलाने के लिए आगे संघर्ष का ऐलान किया।

सम्मेलन में सिख और अन्य सामुदायिंक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इन प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इन युवकों पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति देकर उनके मानवाधिकारों का हनन किया है। युवकों के कब्जे से कुछ साहित्य बरामद किया गया था। यह साहित्य उनके मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत आता है। राज्य सरकार को मात्र इस आधार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी जाना चाहिए।

इन प्रतिनिधियों ने कहा कि मानवाघिकार कार्यकर्ता और वकील राजविंदर बैंस तीनों युवकों को सुनाए गए आजीवन कारावास के खिलाफ अपील करने जा रहे है। उन्होंने यह भी कहा कि सजा माफ कराने के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखा जाएगा। अप्रेल के पहले सप्ताह में जालंधर में भी इसके विरोध में सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।