Home BREAKING चंडीगढ़ के विंग कमांडर सिद्धार्थ शर्मा व झज्जर के सार्जेंट विक्रांत हेलिकॉप्टर...

चंडीगढ़ के विंग कमांडर सिद्धार्थ शर्मा व झज्जर के सार्जेंट विक्रांत हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद

7
0

झज्जर (सुमित कुमार): कश्मीर घाटी में बडगाम में बुधवार को तकनीकी गड़बड़ी के चलते क्रैश हुए हेलिकॉप्टर एमआई 17 को चंडीगढ़ के वायुसेनाधिकारी विंग कमांडर सिद्धार्थ शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा ही उड़ा रहे थे। इस हादसे में झज्जर के सार्जेंट विक्रांत पुत्र कृष्ण सहरावत भी शहीद पांच वायुसैनिकों में शामिल है। हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

सूत्रों का कहना है कि विक्रांत की शहादत की सूचना मिलते ही ग्रामीण उनके घर पर इक_े हो गए अपने बेटे की शहादत पर पूरे परिवार और गांव वालों को गर्व है। परिवार और गांव यह चाहता है कि पाकिस्तान से आर पार की लड़ाई कर उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाए तथा कश्मीर से धारा 370 हटा कर कश्मीर का मसला हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाए।

विक्रांत के पिता कृष्ण सहरावत ने देश के राजनीतिक दलों से कहा है कि वह रोज रोज के इस मसले को खत्म करने के लिए वह पाकिस्तान से आर पार की लड़ाई करें, ताकि इस देश की माओं की गोद सूनी ना हो और पत्नियों का सुहाग सलामत रहे। उन्होंने कहा कि अगर देश को जरूरत है, तो वह भी सेना में जाकर आर-पार की जंग के लिए तैयार हैं। सार्जेंट विक्रांत की शहादत पर उनके पिता को गर्व है और वे चाहते हैं कि उनका दूसरा बेटा भी सेना में भर्ती हो जाए ताकि देश के दुश्मनों को सबक सिखाया जा सके।

विक्रांत के चाचा अशोक सहरावत भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। उनका कहना है कि अब बहुत हो गया आर-पार की जंग से पाकिस्तान को सबक सिखा ही देना चाहिए। उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि इस देश के सभी भूतपूर्व सैनिक एक बार फिर से सीमाओं पर जाकर पाकिस्तान को धूल चटाने के लिए तैयार हैं। शहीद विक्रांत की मां को भी अपने बेटे पर गर्व है।

हम आपको बता दें कि 33 साल के सार्जेंट विक्रांत वर्ष 2005 में भारतीय वायु सेना में भर्ती हुए थे। करीब 7 साल पहले विक्रांत की शादी सुमन से हुई थी। 4 भाई बहनों में विक्रांत अपने पिता की तीसरी संतान है। विक्रांत के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। विक्रांत के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बेटी काव्या 5 साल की है और छोटा बेटा वरदान करीब डेढ़ साल का है। 4 महीने पहले ही विक्रांत की पोस्टिंग कोयंबटूर से श्रीनगर हुई थी। करीब डेढ़ महीने पहले सार्जेंट विक्रांत अवकाश के बाद श्रीनगर गए थे। शहीद विक्रांत का पार्थिव शरीर कल गांव पहुंचेगा। जहां शहीद को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।